अब मथुरा के ईदगाह मस्जिद में घुसकर 4 युवकों ने पढ़ी हनुमान चालीसा, बिलबिलाये कट्टरपंथी


हाल ही में मथुरा के नन्द बाबा  मंदिर में 2 मुसलमानो ने 2 सेकुलरों की मदद से मंदिर के पुजारी को धोखा दिया और मंदिर में नमाज़ पढ़कर, फोटो खिंचवाकर भाग गए 

2 मुसलमान अपने 2 सेक्युलर साथियों के साथ मंदिर आये थे और मंदिर के पुजारी को कहा की - "हम हिन्दू मुस्लिम एकता में बहुत यकीन करते है, इसलिए हम मंदिर में दर्शन के लिए आये है"

भगवान् तो सबके है तो पुजारी ने भी दर्शन की अनुमति दे दी, पर दर्शन के नाम पर दोनों मुसलमान नमाज़ पढ़ने लगे और उनके दोनों सेक्युलर साथियों ने तस्वीरें लेने का काम शुरू कर दिया उसके बाद चारों भाग गए 

मंदिर में ये दर्शन के बहाने पहुंचे थे पर साजिश के तहत धोखा देते हुए दोनों मुसलमानो ने मंदिर में नमाज़ पढ़ी 

इसके बाद अब मथुरा के ईदगाह मस्जिद में आज 4 हिन्दू युवकों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर दिया, हिन्दू युवक किसी को धोखा देकर मस्जिद में नहीं आये, वो सीना ठोककर मस्जिद में पहंचे और उन्होंने मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी 

सौरभ लंबरदार, राघव मित्तल, कान्हा और कृष्णा ठाकुर ईदगाह मस्जिद में गए और उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी, इसके बाद मजहबी उन्मादी भड़क उठे और पुलिस से इसकी शिकायत करने लगे, बाद में पलिस ने सौरभ लंबरदार, राघव मित्तल, कान्हा और कृष्णा ठाकुर को हिरासत में ले लिया 

इस से पहले यही उन्मादी इस बात को कह रहे थे की मंदिर में नमाज़ क्यों नहीं हो सकती, अब ईदगाह मस्जिद में 4 युवकों ने हनुमान  चालीसा पढ़ ली तो ये बिलबिला उठे, इन लोगो के झूठे सेकुलरिज्म का सारा सच सामने आ गया 

वहीँ सौरभ लंबरदार, राघव मित्तल, कान्हा और कृष्णा ठाकुर का कहना है की वो ईदगाह मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़कर हिन्दू-मुस्लिम एकता का सन्देश देना चाहते थे, पर उन्मादी इस से भड़क गए 

आपको बता दें की जिस ईदगाह मस्जिद में घुसकर युवकों ने हनुमान चालीसा पढ़ी है असल में वो असली कृष्ण मंदिर है, ऐसे में पुलिस द्वारा इन युवकों को हिरासत में लिया जाना सरासर गलत है, युवकों ने किसी को धोखा देकर मस्जिद में हनुमान चालीसा नहीं पढ़ी