कन्हैया कुमार को उनकी पार्टी ने दफ्तर से भगाया, नहीं दिया MLA का टिकेट, लोकसभा चुनाव में करवाई थी बुरी हार


सीपीआई नेता कन्हैया कुमार से अब उनकी पार्टी ही किनारा करती दिखाई दे रही है, पिछले लोकसभा चुनाव में कन्हैया कुमार को सीपीआई ने बेगूसराय से अपना उम्मीदवार बनाया था

बेगुसराय में सीपीआई का जनाधार हमेशा से रहा है पर कन्हैया कुमार ने लोकसभा चुनाव में बेहद ख़राब प्रदर्शन किया और बीजेपी के नेता गिरिराज सिंह ने कन्हैया कुमार को बेहद बुरी तरह पीट दिया और 4 लाख से भी ज्यादा वोटों से रौंदकर हरा दिया 

अब बिहार में विधानसभा के चुनाव है और सीपीआई RJD के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल है, RJD ने अपने साथियों के साथ मिलकर सीटों का बंटवारा भी कर लिया है और सीपीआई को 6 सीटें मिली है 

सीपीआई के अलावा सीपीएम को 4 और माले को 19 सीटें मिली है, अब कन्हैया कुमार की पार्टी सीपीआई ने अपने सभी 6 सीटें पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है पर कन्हैया कुमार को MLA का टिकेट नहीं दिया 

कन्हैया कुमार पिछले 6 महीने से बेगुसराय की किसी सीट से MLA का चुनाव लड़ने की कोशिश में थे और सीपीआई की ओर से टिकेट के लिए सीपीआई नेताओं के आगे पीछे भी घूम रहे थे 

सीपीआई ने जब अपने सभी 6 उम्मीदवारों का ऐलान किया तो कन्हैया कुमार अपने कुछ साथियों के साथ सीपीआई के दफ्तर में भी पहुंचे जहाँ से उनको और उनके साथियों को दरवाजे से बाहर निकाल दिया गया 

स्थानीय सीपीआई नेताओं का कहना है की कन्हैया कुमार का कोई जनाधार नहीं है, वो दिल्ली से लाया गया एक नेता है, जो मीडिया पैनल पर बैठने के लिए तो ठीक है पर असल ग्राउंड पर इसका कोई जनाधार ही नहीं है, उसे टिकेट देकर पार्टी 1 सीट ख़राब नहीं करना चाहती 

सीपीआई ने सूर्यकांत पासवान को बेगुसराय की बखरी सीट का टिकेट दिया है, तेघड़ा सीट पर राम रतन सिंह तो बचवाडा सीट पर अवधेश कुमार राय को टिकेट मिला है

इसके अलावा मधुबनी की हरलाखी विधानसभा सीट से राम नरेश पांडेय, मधुबनी की झंझारपुर सीट से रामनारायण यादव, पूर्णिया की रूपौली सीट से विकास चंद्र मंडल उम्मीदवार बनाए गए हैं।