आखिर उतर गया अक्षय कुमार के राष्ट्रवाद का नकाब, ये भी निकला बॉलीवुड माफिया का गुर्गा


बहुत बढ़िया बिज़नस है, 2 करोड़ रुपए PR पर खर्च करो, फिर 200 करोड़ कमाओ, 2-4 करोड़ रुपए दान कर दो और 1000 करोड़ रुपए कमाओ, 2-4 राष्ट्रवादी फिल्मे बना दो और उस से भी अरबों कमाओ 

अक्षय कुमार एक बेहतरीन बिज़नसमैंन है और अब उनके चेहरे से राष्ट्रवाद का नकाब आख़िरकार उतर ही गया 

अक्षय कुमार का प्रोडक्शन हाउस खान गैंग तथा करण जोहर के साथ मिलकर अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कोर्ट पहुंचा और उसके बाद अक्षय कुमार ने एक नयी फिल्म का ऐलान किया जिसका नाम लक्ष्मी बम रखा गया है 

लक्ष्मी बम में एक किन्नर को दिखाया गया है जो त्रिशूल पकड़ता है, लाल साडी और बिंदी लगाता है और उसके पीछे देवी की मूर्ति भी दिखाई गयी है 

असल में फिल्म में ये किन्नर एक मुसलमान होता है जिसका नाम आसिफ होता है, आसिफ प्रिया नाम की हिन्दू लड़की को फंसाता है और नाम बदलकर उसके घर भी जाता है 

इस फिल्म को शबीना खान नाम की उन्मादी महिला ने प्रोडूस की है, ये शबीना खान असल में अफगानिस्तान की है जो की कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ लगातार जहर फैलाती रही है, चाहे वो पत्थरबाज हो, अलगाववादी हो या धारा 370 

अक्षय कुमार अब खुलकर लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे है और खान गैंग के साथ मिलकर अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कोर्ट भी पहुँच रहे है, साफ़ है की अक्षय कुमार ने अपने चेहरे पर राष्ट्रवाद का नकाब सिर्फ फ़िल्मी फायदे और कमाई के लिए लगा रखा है, असल में अक्षय कुमार भी बॉलीवुड माफिया का एक गुर्गा ही है