"असम में बंद होंगे मदरसे, सरकारी पैसे से सिर्फ कुरान नहीं पढ़ा सकते" : मंत्री


जब कहने को देश सेक्युलर है, संविधान सेक्युलर है तो फिर इस देश में सरकारी पैसे से सिर्फ एक मजहब के लिए विशेष सुविधा कैसे दी जा सकती है, ये तो सबसे बड़ी साम्प्रदायिकता है जो की पुरे देश में धड़ल्ले से चल रही है और फिर कहा जाता है की देश सेक्युलर है 

अब बीजेपी की असम सरकार ने फैसला कर लिया है की अब देश सेक्युलर है तो फिर असल सेकुलरिज्म ही देश में लागू होगा 

असम सरकार ने फैसला किया है की असम में मदरसों को बंद किया जायेगा, सरकार किसी भी मदरसे को अब 1 भी पैसा नहीं देगी और मदरसों को बंद कर उन्हें स्कुल में बदल दिया जायेगा जहाँ सभी धर्म के छात्रों को सामान्य शिक्षा दी जाएगी 

सरकार के मंत्री हिमंता बिसवा सर्मा ने कहा है की - हम नवम्बर में सभी मदरसों को बंद करने के लिए आदेश जारी कर देंगे, देश सेक्युलर है और सरकारी पैसे से हम सिर्फ कुरआन नहीं पढ़ा सकते

मदरसे कोई स्कुल नहीं होते ये मजहबी स्कुल होते है जहाँ कुरान पढाया जाता है, अब सिर्फ कुरान की पढाई के लिए सेक्युलर देश की सरकारें पैसा नहीं खर्च कर सकती 

बता दें की असम में मदरसों की संख्या 600 से भी ज्यादा है जिन्हें सरकार से अबतक पैसा मिल रहा था और जो सरकारी पैसे से कुरान पढ़ा रहे थे