मर गयी आज अंजना तिवारी, अखिलेश की जगह आसिफ से की थी शादी और बन गयी थी आयशा, सेकुलरिज्म का अंजाम मौत


अंजना तिवारी जो आयशा रज़ा बन चुकी थी वो आख़िरकार मर गई, अंजाम इतना हुआ की अंजना तिवारी कहीं की नहीं रही, न घर की और न ही घाट की 

न ही अपने परिवार और अपने सामाज की हुई और न ही अब सेक्युलर और मजहबी उन्मादी ही उसके लिए कोई आंसू बहा रहे है, सच में सेकुलरिज्म का बड़ा भयानक और दर्दनाक अंजाम हुआ 

अंजना तिवारी की शादी अखिलेश से हुई थी पर वो मोहम्मद आसिफ के संपर्क में आ गयी, मोहम्मद आसिफ ने सेकुलरिज्म की बातें कर कर के अंजना तिवारी को फंसा लिया 

सेकुलरिज्म के सपने देख रही अंजना तिवारी आसिफ से शादी करने के लिए आयशा भी बन गयी, उसने आसिफ से कभी नहीं पुछा की जब सेकुलरिज्म है तो अंजना से आयशा क्यों बनना है ये तो साम्प्रदायिकता है 

आसिफ ने अंजना तिवारी को मुसलमान बनाया और लम्बे समय तक शरीर का सुख भोग उसके बाद जी भर गया तो अंजना तिवारी को अपने मजहबी परिवार के पास छोड़कर चला गया 

अंजना से आयशा बन चुकी इस सेक्युलर महिला के मुस्लिम ससुराल ने इसपर जो अत्याचार किया वो इतना भयानक था की अंजना तिवारी मानसिक तौर पर पूरी तरह टूट गयी और लखनऊ में खुद को जिन्दा जला लिया 

पुलिस वाले अस्पताल ले गए पर अंजना तिवारी की आज अस्पताल में दर्दनाक मौत हो गयी 

कहाँ अखिलेश के साथ थी तो जिन्दा थी, आसिफ के साथ गयी तो न सिर्फ पहचान बदल गयी, संस्कृति बदल गयी, धर्म बदल गया बल्कि दर्दनाक मौत भी हो गयी और अब आंसू बहाने वाला भी कोई नहीं, सेकुलरिज्म का बड़ा भयानक अंजाम हुआ