पहाड़ो पर भारतीय सेना से लड़ने का तरीका सीखने के लिए रुसी आर्मी के पास गयी चीनी आर्मी

 


चीन पहाड़ो पर लड़ाई के मामले में भारतीय सेना के सामने कहीं नहीं टिकता और इस बात को चीन की सरकार और सेना दोनों समझती है 

डोकलाम से लेकर लद्दाख तक में भारतीय सेना ने चीनी सेना को पीट के रख दिया है, चीनी सेना को पहाड़ो की लड़ाई में अनुभव की कमी है और उसकी समस्या ये है की उसके जवानों को सेंट्रल चीन से पहाड़ो की ओर जाना पड़ता है

ज्यादा ऑक्सीजन से कम ऑक्सीजन वाले इलाके में जाकर चीनी सैनिक वैसे ही बेसुध रहते है, दूसरी तरह भारत के सैनिक जो अरुणांचल, लद्दाख में तैनात है उनमे से अधिकतर उन्ही इलाकों के है, लद्दाख में तो तिब्बती मूल के लोग भी भारतीय सेना में है और सीमा की रक्षा कर रहे है, इन लोगो को पहाड़ो की आदत बचपन से ही रहती है 

पहाड़ो की लड़ाई में भारतीय सेना से बार बार मार खाने के बाद अब चीनी सेना रुसी सेना के पास पहुंची है ताकि वो पहाड़ो की लड़ाई सीख सके

जानकारी सामने आ रही है की चीन ने अपनी उस यूनिट को जो लद्दाख में तैनात रहती है उसे रूस की सेना के पास एक्सरसाइज के लिए भेजा है ताकि वो माउंटेन वॉरफेयर सीख सके, चीनी सेना रुसी सेना से पहाड़ो पर लड़ने का तरीका सीख रही है ताकि उसके बाद वो भारतीय सैनिको से लड़ सके 
वैसे भारतीय सेना इसे लेकर जरा भी चिंतित नहीं है क्यूंकि पहाड़ो की लड़ाई में भारतीय सेना अमेरिका और रुसी सेना से भी काफी आगे है, चीनी सेना अब रुसी सेना से क्या सीखती है वो तो आने वाला समय ही बताएगा, पर तबतक काफी सारे और भारतीय सैनिक तैयार हो जायेंगे जो  पहाड़ो की लड़ाई में चीन को धुल चटा देंगे