आजतक वाले की बुरी तरह ठुकाई, पत्रकारिता के नाम पर लोगो के घरों में घुसकर कर रहा था तंग


पत्रकारिता ठीक है पर पत्रकारिता के नाम पर आप किसी के घर के अन्दर तो नहीं घुस सकते, पर आजतक वाले जो की दलाल पत्रकारिता के लिए कुख्यात है वो लोगो के घरों में भी घुस जाना चाहते है

सुशांत केस के मामले में ज़ैद नाम के एक शख्स को पकड़ा गया है, ड्रग्स का एंगल है और ड्रग्स के ही मामले में ज़ैद नाम के शख्स की गिरफ़्तारी हुई है

अब यहाँ तक तो ठीक था, पर आजतक की टीम उसके घर पहुँच गयी और आजतक का रिपोर्टर उसके घर के अन्दर घुसने की कोशिश करने लगा

किसी के घर के अन्दर घुसकर पत्रकारिता थोड़ी होती है, ये तो पत्रकारिता के नामपर सरा सर गुंडागर्दी है और आजतक वाले को तुरंत इसका फल भी मिल गया

आजतक के रिपोर्टर की बुरी तरह ठुकाई हुई, देखिये
पत्रकारिता की भी एक लिमिट होती है, आप किसी के घर का दरवाजा खुलवाकर अन्दर घुसकर पत्रकारिता नहीं कर सकते, आजतक वाले ने पत्रकारिता की लिमिट को क्रॉस किया और उसे उसका फल भी तुरंत ओन द स्पॉट ही मिल गया