भारतीय सेना ने चीनी सेना को रौंदकर पहाड़ी पर कब्ज़ा किया, चीन ने 1962 से कर रखा था कब्ज़ा, सेना के स्पेशल ऑपरेशन यूनिट ने किया स्ट्राइक


सबसे पहले 2 अहम् बयानों को याद करना जरुरी है, पहला बयान प्रधानमंत्री मोदी का जो उन्होंने गलवान युद्ध के बाद लाद्द्ख में जाकर दिया था 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था की - हम वो हैं जो बांसुरी वाले कृष्ण के साथ साथ सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण को पूजते है, इसके साथ कुछ ही दिनो पहले भारत के CDS जनरल बिक्रम रावत ने कहा था की - भारत सैन्य कार्यवाही के विकल्प को भी इस्तेमाल कर सकता है 

आज 31 अगस्त को भारतीय सेना ने सुबह एक बयान जारी किया और कहा की - 30 अगस्त की रात को भारत और चीनी सेना के बीच पांगोंग त्सो झील के साउथर्न इलाके में झड़प हुई है और भारतीय सेना ने चीनी सेना को मुहतोड़ जवाब दिया है 

भारतीय सेना ने इसके अलावा कुछ नहीं कहा, पर अब अहम् जानकारी ये सामने आ रही है की भारत ने चीन पर स्ट्राइक की है और इसमें भारतीय सेना ने स्पेशल ऑपरेशन यूनिट का इस्तेमाल किया है 

खबर ये है की पांगोंग झील के पास एक पहाड़ी पर भारतीय सेना ने चीनी सेना को रौंदकर कब्ज़ा कर लिया है, चीनी सेना का इस पहाड़ी पर नेहरु के ज़माने यानि 1962 से ही कब्ज़ा था, अब भारतीय सेना ने इस पहाड़ी को आजाद करवा लिया है 
इसके साथ साथ खबर ये भी है की भारतीय सेना ने 30 के करीब चीनी सैनिको को कब्जे में ले रखा है, भारतीय सेना की कोई हानि नहीं हुई है पर चीन की सेना के बारे में ये बात नहीं कही जा सकती 

भारत ने चीन पर स्ट्राइक की है और पहाड़ी को आजाद करवाया है, इसके साथ ही भारत ने साफ़ कर दिया है की ये नेहरु वाला भारत तो बिलकुल भी नहीं है और भारत चीन पर भी स्ट्राइक कर सकता है