कलतक कार्यकर्ताओं को मारकर टांगते थे, अब विधायको को टांगने लगे, केंद्र की इतनी चुप्पी ठीक नहीं


कांग्रेस की सरकार के पास इतने सांसद भी नहीं थे जितने आज मोदी सरकार के पास है फिर भी आतंक की निशानी बाबरी मस्जिद के ध्वस्त होने पर बीजेपी की यूपी समेत 5 राज्यों की सरकारों को फ़ौरन बर्खास्त कर दिया गया था

आज मोदी सरकार के पास 300 से ज्यादा तो खुद के ही सांसद है पर बंगाल पर मोदी सरकार की चुप्पी समझ से परे है 

कल तक बंगाल में बीजेपी के कार्यकर्ताओं को मारकर टांग दिया जाता था, हिन्दुओ पर तो लगातार हमले हो ही रहे है और बम की फैक्ट्रीयां, रोहिंग्या, बंगलादेशी ये सब भी बिना रोक टोक चल रहा है, इन सबपर बीजेपी की केंद्र सरकार मौन रही 

और मौन का ही नतीजा ये की अब बीजेपी के एक विधायक को बंगाल में मारकर टांग दिया गया, आज सुबह लोग उठे तो बीजेपी के एक विधायक को बंगाल में टंगा हुआ देखा, उनको मारकर रस्सी से लाश को टांग दिया गया और सन्देश दिया गया की यहाँ हमारा राज है 

बीजेपी की केंद्र सरकार पूर्ण बहुमत की है और एक विधायक को मारकर टाँगे जाने के बाद भी बीजेपी की केंद्र सरकार चुप रहती है तो इसका बेहद गलत सन्देश जायेगा 

बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी, क्यूंकि कार्यकर्त्ता ऐसे नेतृत्व के साथ खड़ा नहीं होगा जो कोई एक्शन ही नहीं लेती, कोई नेता अपनी जान को खतरे में क्यों डालेगा ? कार्यकर्त्ता का मनोबल पस्त हुआ तो बीजेपी की जो हवा कई दिनों से चल रही है वो भी ख़त्म हो जाएगी और बीजेपी बंगाल में वहीँ पहुँच जाएगी जहाँ पहले थी यानि शून्य 

नेता और कार्यकर्ता उस नेतृत्व के साथ खड़े होंगे जो की एक्शन लेता हुआ दिखाई देगा, उस नेतृत्व के साथ खड़े होंगे जो की मुहतोड़ जवाब देगा, बदला लेगा, सिर्फ अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौत पर रोने से काम नहीं चलेगा और आज ये बहाना भी नहीं चल सकता की बीजेपी कुछ कर ही नहीं सकती क्यूंकि बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत वाली केंद्र सरकार है 

बीजेपी की ऐसी चुप्पी भी ठीक नहीं, अगर बीजेपी की चुप्पी बरक़रार रहती है तो कल तक बीजेपी के सिर्फ कार्यकर्त्ता मारे जाते थे, आज विधायक भी मारे जा रहे है, कल बीजेपी के सांसद और मंत्री भी बंगाल में खतरे में आ जायेंगे, बीजेपी की केंद्र सरकार की ऐसी चुप्पी ठीक नहीं full-width