विकास दुबे ने जितने भी मर्डर किये थे सब ब्राह्मणों के किये थे, सपा-बसपा को खुश करने के लिए ब्राह्मणों को ही मारता था विकास दुबे



राजस्थान चुनाव से पहले कांग्रेस ने वहां के एक गैंगस्टर आनंदपाल का मुद्दा बनाया, जातिवाद का जहर फैलाया और राजपूत वोटों को बीजेपी से काटा

यही काम अब उत्तर प्रदेश में करने की तैयारी है, विकास दुबे नाम के गैंगस्टर को योगी सरकार ने यूपी से समाप्त कर दिया, अब सपा-बसपा-कांग्रेस के तीनो ही ब्राह्मण कार्ड खेलने लगे 

फेक ID बनाकर पुरे सोशल मीडिया पर लगातार जातिवाद का जहर फैलाया जा रहा है और विकास दुबे को ब्राह्मण बताकर योगी-मोदी-बीजेपी को ब्राह्मण विरोधी भी बताया जा रहा है, पैटर्न वही राजस्थान वाला है जहाँ आनंदपाल के मुद्दे पर राजपूतों को भड़काया गया था 

यहाँ आपको जान लेना जरुरी है की साल 1990 से ही विकास दुबे ने अपराध करने का काम शुरू किया था और ये साल 1996 में बसपा में शामिल हुआ था, इसके बाद ये कई सालों तक सपा में भी था, इसकी बीवी रिचा दुबे तो सपा की नेता है और सपा ने उसे पंचायत चुनाव भी लडवाया था

विकास दुबे पर 5 लोगो के मर्डर का केस चल रहा था, इसके साथ साथ 8 केस हत्या की कोशिश के भी चल रहे थे, इसके अलावा ढेरों रंगदारी, गुंडागर्दी के केस थे, इसपर 50 से ज्यादा केस थे 

जिन 5 लोगो को विकास दुबे ने मारा उनके नाम है - संतोष शुक्ल, ये यूपी में दर्जा प्राप्त मंत्री थे, ये ब्राह्मण थे, इसके आलवा सिद्धेश्वर पांडेय, दिनेश दुबे की हत्या की, इसके अलावा 2 अन्य लोगो की भी इसने हत्या की और वो दोनों भी ब्राह्मण ही थे 

यूपी पुलिस के 8 पुलिस कर्मी DSP देवेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में इसे गिरफ्तार करने आये थे, देवेन्द्र मिश्रा को गोली मारने के बाद विकास दुबे ने कुल्हाड़ी से उनका पैर भी काटा, देवेन्द्र मिश्रा भी ब्राह्मण ही थे 

असल बात ये है की सपा का मूल वोट बैंक यादव और मुस्लिम है वहीँ बसपा का मूल वोट बैंक दलित और मुस्लिम है, बसपा ब्राह्मणों के खिलाफ राजनीती करती है ये सबको पता है और बसपा का एक कुख्यात नारा भी था - तिलक तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार 

सपा भी मूल रूप से ब्राह्मणों के खिलाफ ही राजनीती करती है और अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री हुआ करते थे तब सपा नेता ब्राह्मणों को यूपी से वैसे ही मार भगाने की धमकी देते थे जैसे ब्राह्मणों को कश्मीर से भगाया गया था

 विकास दुबे कभी सपा तो कभी बसपा में ही रहता था, और सपा-बसपा को खुश करने के लिए, राजनितिक आकाओं को खुश करने के लिए ये ब्राह्मणों को ही लुटता था, ब्राह्मणों पर ही अत्याचार करता था, ब्राह्मणों की ही हत्या करता था full-width