मोस्को में चीनी सेना ने भारतीय सेना के आसपास रहने से किया इंकार, पीटने का डर



आज 24 जून को रूस की राजधानी मोस्को में एक परेड चल रही है, ये परेड रूस की दुसरे विश्व युद्ध में जीत की याद में चल रही है

ये परेड मूल रूप से रुसी रक्षामंत्रालय और रुसी सेना द्वारा ही आयोजित की गई है और परेड को रुसी सेना ही कर रही है पर रूस ने अपने कुछ मित्र देशों को भी परेड में शामिल होने के लिए बुलाया है

रूस ने इस परेड के लिए भारत और चीन दोनों को ही न्योता दिया था और भारत और चीन दोनों ने अपनी सेनाओं के सैनिको को परेड में हिस्सा लेने के लिए मोस्को भेजा हुआ है

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी इस परेड को देखने के लिए मोस्को गए हुए है और आज परेड चल रही है, इसी बीच जानकारी ये सामने आई है की परेड में रूस ने पहले भारतीय टुकड़ी और उसके पीछे चीनी टुकड़ी के चलने का कार्यक्रम बनाया था

इसकी जानकारी दोनों देशों को दे दी गयी थी की भारतीय दल आगे चलेगा, उसके ठीक पीछे चीनी दल चलेगा, भारत को तो इस से कोई समस्या नहीं हुई, क्यूंकि रूस ने ही परेड का आयोजन किया है, भारत ने रूस की बात मान ली पर चीन के सैनिको ने भारतीय सैनिको के आसपास रुकने और चलने से साफ़ इंकार कर दिया

इसके बाद तय ये हुआ की भारतीय टुकड़ी आगे चलेगी, उसके पीछे रूस की 2 टुकडियां चलेंगी और फिर उसके पीछे चीन की टुकड़ी चलेगी, चीन इसपर राजी हुआ और आज परेड हुई, परेड देखिये
भारतीय दल के पीछे रूस की 2 टुकडियां चली उसके बाद ही चीनी सेना का दल सामने आया
जानकर बता रहे है की चीनी सेना का दल भारतीय सैनिको से डरा हुआ था, उन्हें पीटने का डर लग रहा था, चीनी सैनिक नहीं चाहते थे की वो भारतीय सैनिको के आसपास रहे, क्यूंकि अगर भारतीय सेना ने रूस में भी चीनी सैनिको को पीट दिया तो फिर पूरी दुनिया में चीन की थू थू हो जाएगी 

आपको ये भी बता दें की चीन की सरकार द्वारा संचालित चीनी मीडिया ये खबर भी फैला रही थी की भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच मुलाकात भी होगी, पर भारत ने साफ़ कर दिया की ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है, दरअसल लद्दाख में मार खाने के बाद चीन भारत से बातचीत करना चाहता है और काफी बेचैन है, उसके सैनिक भी डरे हुए है और चीनी सरकार भी full-width