मुरारी बोला - मैं अली मौला नहीं करता, मेरे अन्दर से ही आता है अली मौला, अली मेरे अन्दर है



पहले तो आपको हम स्पष्ट कर दें की मुरारी खुद को साधू बताता है, साथ ही ये खुद को कथावाचक भी बताता है, साथ ही साथ खुद के नाम के आगे राम कथा वाचक भी लगाता है



इसके प्रोग्राम जहाँ होते है वहां बड़े बड़े पोस्टर लगाये जाते है, और उसपर साफ़ साफ़ राम कथा वाचक, कथा वाचक जैसे शब्द लिखे होते है, इसके प्रोग्राम में हिन्दुओ को राम कथा सुनने के लिए बुलाया जाता है



पहले आप इसके कुछ पोस्टर्स देखिये, जो इसकी टीम लगाती है 







इस तरह के पोस्टर्स प्रोग्राम के लिए लगाये जाते है, इनमे हिन्दुओ को बताया जाता है की राम कथा हो रही है, राम कथा सुनने के लिए आ जाओ, राम कथा के नाम पर हिन्दुओ को बुलाया जाता है 



यहाँ आपको फिर स्पष्ट कर दें की राम कथा में अली मौला, अल्लाह, इस्लाम या कोई और धर्म नहीं आता, वाल्मीकि रामायण हो या रामचरित मानस, कहीं भी राम कथा में अली मौला, अल्लाह, इस्लाम, मोहम्मद इत्यादि नहीं आता 



पोस्टर्स के जरिये ये आम हिन्दुओ को राम कथा सुनने के लिए बुलाता है, मासूम हिन्दू भी राम कथा सुनने ही आते है पर मुरारी हिन्दुओ को राम कथा के लिए बुलाकर उसमे अली मौला घुसाकर सुनाता है



मासूम हिन्दू भी अली मौला सुनकर ताली पीटने लगते है,  अब मुरारी का ये कहना है की वो मुसलमानो को खुश करने के लिए अली मौला, अली मौला नहीं करता बल्कि अली मौला तो उसके अन्दर से ही निकलता है, अली ही उसके अन्दर है



मुरारी ने ऐलान किया है की - अली उसके अन्दर है, आप खुद ही देखिये और सुनिए


मुरारी कह रहा है की - जिसे नाराज होना है होने दो, मुझे फर्क नहीं पड़ता, और न मैं मुसलमानों को खुश करने के लिए अली मौला अली मौला करता हूँ, अली मौला तो मेरे अन्दर से ही निकलता है, अली तो मेरे अन्दर ही है 


यहाँ आपको फिर बता दें की अगर मुरारी को अली मौला करना ही है तो पोस्टर्स में भी साफ़ साफ़ लिखे की राम कथा के साथ साथ इस्लाम कथा भी सुनाई जाएगी, फिर जो लोग आये तो उनके सामने जो करना है कर सकता है, पर पोस्टर्स पर लिखता है की आइए राम कथा सुनिए, और वहां अली मौला सुनाता है, ये गलत है, क्यूंकि राम कथा में अली मौला कहीं नहीं आता full-width