खुलासा : तिब्बत पर कब्जे के लिए निकली चीनी सेना को नेहरू ने भिजवाया था चावल, राशन, खाने पीने का सामान



आप जानकार चौंक जायेंगे की जब चीनी सेना तिब्बत पर कब्जे के लिए निकली थी तब नेहरू ने चीनी सेना को राशन भिजवाया था

राशन के तौर पर नेहरू ने चीनी सेना को हज़ारो किलो चावल भिजवाया था, ताकि चीनी सेना चावल पका कर खा सके और किसी भी प्रकार की कमी उसे न हो और तिब्बत पर आसानी से कब्ज़ा कर सके 

ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि ब्रिटैन के ही सबसे बड़े अख़बार संडे गार्जियन ने किया है - 1949 में चीन ब्रिटैन से आज़ाद हुआ था, उस से पहले चीन पर ब्रिटैन का ही कब्ज़ा था, आज़ादी पाते ही चीन की सरकार ने तिब्बत पर कब्जे के लिए अपनी सेना भेज दी 

1950 में चीन ने तिब्बत पर कब्ज़ा कर लिया और दलाई लामा भाग कर भारत आ गए, इतना आपको पता होगा पर आपको ये नहीं पता होगा की नेहरू ने तिब्बत पर कब्ज़ा करने में चीन की सेना की जमकर मदद की थी 
चीन की सेना तिब्बत की और गाड़ियों और पैदल रास्तों के जरिये बढ़ रही थी, उस समय नेहरू हिंदी-चीनी भाई भाई का नारा लगाता था और भाईचारा निभाने के लिए नेहरू ने चीन की सेना को राशन भिजवाया 

नेहरू की सरकार ने चीन की सेना के लिए हज़ारों किलो चावल भिजवाया ताकि चीनी सेना आसानी से चावल पका सके और उसके सैनिक कभी भूखे न रहे, भारतीय चावल को खाकर चीनी सेना ने तिब्बत पर कब्ज़ा कर लिया और आजतक तिब्बत चीन के ही कब्जे में है full-width