मैंने टिकटोक निठल्ले बैठे लोगो के लिए बनाया था, नहीं पता था भारत में इतने निठल्ले लोग है : ज़हाँग यीमिंग, मालिक टिकटोक


टिक टोक की कामयाबी के बाद अब उसके मालिक ज़हाँग यीमिंग ने भारतियों को लेकर एक बड़ी बात कही है, टिक टोक मूलतः चीनी ऐप है और इसे चीनी सॉफ्टवेयर डेवलपर ज़हाँग यीमिंग ने बनाया था, अब ये ऐप दुनिया भर में इस्तेमाल किया जाता है और चीन से भी ज्यादा इसे भारत में इस्तेमाल किया जाता है 

ज़हाँग यीमिंग ने एक वार्ता के दौरान बताया की - मैं एक ऐसे ऐप के बारे में सोच रहा था जिसे खासतौर पर  ऐसे लोगो के टाइम पास करने के लिए बनाया जाये जिनके पास कोई काम नहीं है, वो फ्री बैठे रहते है और उनका टाइम पास हो सके 

ज़हाँग यीमिंग ने बताया की - दुनिया में बहुत से लोग है जो काम नहीं करना चाहते, वो निठल्ले की तरह अपना समय व्यतीत करते रहते है, बेरोजगार होते है और दूसरों पर आश्रित होते है, ऐसे लोग टाइम पास कर सके इसी मकसद से मैंने टिक टोक जैसे ऐप को बनाने का फैसला किया 

ज़हाँग यीमिंग ने बताया की - टिक टोक को लेकर मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था की ये इतना हिट भी होगा पर इस ऐप को भारतीयों ने हिट कर दिया, और सबसे ज्यादा इस्तेमाल ये भारत में ही होता है, चीन से भी ज्यादा 

ज़हाँग यीमिंग ने बताया की - भारत में टिक टोक को जो रिस्पांस मिला उसने मुझे चौंका दिया, मुझे कभी नहीं लगता था की भारत में ऐसे लोगो की संख्या इतनी ज्यादा है जो निठल्ले है, इस ऐप को ज्यादातर भारत के युवा ही इस्तेमाल करते है जो की कोई काम नहीं करना चाहते, जिनके पास कोई काम नहीं है, जो बेरोजगार और जो निठल्ले है 

ज़हाँग यीमिंग ने बताया की भारत ही टिक टोक का सबसे बड़ा मार्किट है और चीन से भी कहीं ज्यादा इसका भारत में इस्तेमाल किया जाता है full-width