भारत के फाइटर जेट्स और वायुसेना प्रमुख चीनी सीमा की ओर रवाना, अब अक्साई चीन पर होगी बात



चीन की सेना की असलियत क्या है वो भारतीय सेना ने देख लिया, चीन पिछले लम्बे समय से भारतीय और विदेशी मीडिया को पैसा खिलाकर अपनी सेना का हौवा बनाये हुए था, पैसे खिलाकर वो मीडिया से कहलवाता था की चीनी सेना के पास ये है वो है, पर चीनी सेना की असल औकात भारतीय सेना को 15 जून की रात को पता चल गयी

15 जून की रात को चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच भिडंत हुई थी, इस भिडंत में चीन के 5 सैनिको के मुकाबले भारत का 1 ही सैनिक था

भारतीय सैनिक तो पट्रोलिंग कर रहे थे, उनकी संख्या कम थी, जबकि चीनी सेना ने योजना बनाकर हमला किया था, संक्यता का अनुपात चीन के पक्ष में 1 के मुकाबले 5 का था

पर इसके बाबजूद जब भारतीय जवानों ने लड़ना शुरू किया तो चीन की सेना का वो हश्र हुआ की चीनी सेना ने सपने में भी नहीं सोचा था, चीन की पूरी दुनिया में किरकिरी हुई है, और चीनी सेना की असल औकात भारतीय सेना को भी पता चल गयी है

ताइवान कहा करता था की चीनी सेना कागज़ की शेर है, ये लड़ने के लिए नहीं सिर्फ दिखाने के लिए है, ताइवान की बात सही साबित हुई और अब भारत की सरकार चीन को सबक सिखाने के मूड में है

प्रधानमंत्री मोदी ने तैयारियां शुरू कर दी है, कल ही रूस से 33 नए फाइटर जेट्स लिए है जो 1 हफ्ते में मिल जायेंगे, साथ ही इजराइल से भी तकनीक के लिए बातचीत शुरू कर दी गयी है

मोदी चीन को बड़ी चोट पहुंचाना चाहते है और अब खबर ये सामने आई है की भारतीय एयर फाॅर्स को चीन को सबक सिखाने के काम पर लगा दिया गया है


एयर फाॅर्स के फाइटर जेट्स लद्दाख की सीमा की ओर रवाना हो चुके है, भारत के पास दौलत बेग ओल्डी नाम का एयर बेस भी है, इसके साथ साथ जानकारी ये भी है की वायु सेना प्रमुख स्वयं इस काम में लग चुके है और वो भी लद्दाख बॉर्डर की ओर रवाना हुए है, वो लद्दाख में तैयारियों का जायजा लेने के लिए रवाना हुए है



एयर फाॅर्स को लगाना यानि कम समय में दुश्मन को ज्यादा नुक्सान पहुंचाना, नरेंद्र मोदी एक्शन के लिए जाने जाते है और जिस तरह कल रूस से 33 फाइटर जेट्स लिए गए है और आज वायु सेना प्रमुख लद्दाख की ओर रवाना हुए है उस से साफ है की मोदी अब चीन से अक्साई चीन की बात करना चाहते है, चीन लातों का ही भूत है, बात से नहीं लात से ही समझेगा और ये बात मोदी सरकार समझ चुकी है full-width