चीन के विदेश मंत्रालय ने स्वीकारा - 15 जून को भारतीय सेना चीन में घुस गयी, हमारे सैनिक मारे



भारत ने चीन में घुसकर चीनी सेना को मारा है, ये हम ही नहीं बल्कि चीनी विदेश मंत्रालय ने भी स्वीकार कर लिया है, पहले तो आप जो हुआ उसे कम शब्दों में साफ़ साफ़ समझ लीजिये की गलवान वैली में हुआ क्या 

गलवान वैली में 15 जून को भारत और चीन की सेनाओं के बीच मीटिंग रखो गयी थी, मीटिंग दोनों सेनाओं के बीच एक स्थान पर रखी गयी थी और तय किया गया था की मीटिंग ख़त्म होने पर दोनों सेनाएं अपने अपने मूल स्थान पर लौट जाएँगी

मीटिंग शुरू हुई और कुछ समय बाद ख़त्म हो गयी पर चीनी सैनिको ने वापस लौटने से इंकार कर दिया, उसके बाद दोनों सेनाओं में संघर्ष हुआ और भारत के 3 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए जिनमे 1 कर्नल और 2 जवान थे

भारतीय सेना ने वहीँ के वहीँ चीन से बदला लिया और 3 के बदले 5 चीनी सैनिको को वहीँ ओन द स्पॉट मार डाला साथ ही साथ 11 चीनी सैनिक बुरी तरह घायल कर दिए गए, चीन में मृतकों की संख्या अभी बढ़ भी सकती है क्यूंकि घायल सैनिक बुरी स्तिथि में थे

अब इसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने रोना शुरू कर दिया है, चीन को उम्मीद ही नहीं थी की भारतीय सेना उसके सैनिको का ये हाल करेगी

चीन के विदेश मंत्रालय ने अब कहा है की - 15 जून की रात को भारतीय सेना चीन के अन्दर घुस गयी और इसी कारण दोनों सेनाओं में संघर्ष हो गया और चीन को नुक्सान उठाना पड़ा, भारत आक्रामक हो चूका है, हम युद्ध नहीं चाहते और बातचीत कर रहे है







चीन की मीडिया ने भी स्वीकार कर लिया की चीन के 5 सैनिक मारे गए है वहीँ 11 घायल हुए है



ये चीनी अख़बार ग्लोबल टाइम्स का मुख्य संपादक है जो बता रहा है की चीन को नुक्सान हुआ है और उसके सैनिक मारे गए है, हालाँकि ये आंकड़े नहीं बता रहा

ये भी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्टर है जो की आंकड़े बता रही है, 5 चीनी सैनिक ढेर, 11 घायल



चीनी विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा की - भारत हमारे देश में घुस गया, हमने इसका कड़ा विरोध दर्ज करवाया है

चीन ने स्वीकार कर लिया की भारत की सेना ने चीन में घुसकर चीनी सैनिको को ढेर किया है और इसके बाद चीनी सेना और चीनी सरकार के होंश उड़ गए है और अब चीन शांति की भाषा बोल रहा है full-width