केजरीवाल की पार्टी ने की मांग - CRPF जवानों को करो गिरफ्तार, CRPF के खिलाफ करो कार्यवाही


दिल्ली वह जगह है जहां कोरोना के चलते सबसे ज्यादा संक्रमित लोग पाए जा रहे हैं। यहां इसी भय के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार के अनगिनत मजदूर पलायन भी कर चुके हैं। यहां पर कोरोना रोकना संभवतः सबसे बड़ी चुनौती है ऐसे में जब देश की जनता के रखवाले अपना कर्तव्य निभा रहे हैं तब ना सिर्फ उन पर जमीनी हमले हो रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया से राजनैतिक पार्टियां अपने वोट बैंक को उन्हीं जवानों को बलि का बकरा बनाते हुए साधने का प्रयास कर रहे हैं। 

इसमें सबसे आगे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी है जो आश्चर्यजनक रूप से यह बता रही है कि सीआरपीएफ जवानों पर कार्यवाही करके देश की जनता का कानून पर भरोसा जताया जा सकता है।

वह कौन सी जनता है, वह कौन से लोग हैं जिनको सीआरपीएफ जवानों पर कार्यवाही से खुशी मिलेगी अभी तक यह आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट नहीं किया लेकिन एक सोच एक मानसिकता का प्रदर्शन जरूर किया जो उन्होंने दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर के बाद दिखाई थी और जिन इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के लिए पूरा देश रो रहा था उनकी ही वीरगति पर सवाल उठा दिए थे। 

यद्यपि समय के साथ देश की जनता यह सब भूल गई और अरविंद केजरीवाल को लगातार दिल्ली की बागडोर सौंपी रही। समय के साथ कई लोग इस पार्टी से अलग हुए और कई लोग इस पार्टी के प्रमुख नाम बने।इस बार सीआरपीएफ जवानों पर कार्यवाही करने की मांग उठाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने सबसे आगे अपने आज के समय के सबसे खास अमानतुल्लाह खान को आगे कर दिया है।

एकपक्षीय एकतरफा ट्वीट करके ओखला मंडी में सिर्फ और सिर्फ सीआरपीएफ जवानों की गलती बताने वाले और सईद अहमद का अपराध छिपाने वाले अमानतुल्लाह खान के ट्विटर पर भारी विरोध देखा जा रहा है क्योंकि उन्होंने एक बार भी यह स्पष्ट नहीं किया कि सीआरपीएफ जवानों को आखिरकार मजबूरन बल प्रयोग क्यों करना पड़ा था। 

यह देश सीआरपीएफ जवानों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और ट्विटर पर वी सपोर्ट सीआरपीएफ ट्रेन भी करने लगा है। लेकिन सीआरपीएफ जवानों पर कार्यवाही की मांग जैसी नीति अब कश्मीर से दिल्ली भी आ चुकी है जिसके बाद यह माना जा रहा है कि दिल्ली की राजनीति भी आने वाले समय में करवट लेगी खासकर तब जब एक ही समय में उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर पलायन कर रहे हैं और रोहिंग्या उसी दिल्ली की जमीनों को कब्जा कर रहे। full-width