बोली पत्रकार - अमित शाह कैंसर से मर जाये तो मजा आ जाये, मरे तो खूब जश्न मनाना चाहिए



अगर आप मानते है की सभी आतंकवादियों ने बन्दुक उठाया हुआ है तो आप सही नहीं है, कुछ आतंकवादियों ने कलम भी उठाया हुआ है, ये बौद्धिक आतंकवादी है जो खुद को पत्रकार बताकर घूमते है 

ऊपर तस्वीर में आप एक ऐसी ही कथित पत्रकार को देख रहे है जो की देश के गृह मंत्री के लिए कैंसर मांग रही है और ये भी कह रही है की अमित शाह को कैंसर हो जाये और वो कैंसर से मर जाये तो फिर मजा आ जाये 

इस कथित पत्रकार का नाम है विजयलक्ष्मी नादर, ये NDTV, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस की करीबी है और NDTV, कांग्रेस और AAP के नेताओं से बढ़िया सम्बन्ध भी है 

पहले तो देखिये इसने क्या और कैसे कहा 



ये कहती है की - अमित शाह को पक्का कैंसर हो गया है, और वो अगर अक्टूबर तक कैंसर से मर जाये तो फिर बहुत अच्छा हो जाये 

इसका ये भी कहना है की - अमित शाह मर जाये तो फिर उसका सेलिब्रेशन यानि जश्न जमकर मानना चाहिए 

खुद को लिबरल और पत्रकार बताने वाली इस बौद्धिक आतंकवादी की मानसिकता को आप देख सकते है और अंदाजा लगा सकते है की इनके मन में कितना नफरत भरा हुआ है full-width