रोज काटते है 3 गाय, जुम्मे नमाज़ के दिन 20, आवाज उठाई तो इंसान को काटने के लिए कर दिया हमला



गाय इस देश के हिन्दू धर्म के मानने वालो की धार्मिक भावना से जुडी हुई है और कुछ लोगो को हिन्दुओ की धार्मिक भावना को कुचलने में मजा आता है, ये मजहबी उन्मादी कानून तोड़कर भी गाय को कटते है ताकि ये हिन्दुओ की धार्मिक भावना को कुचल सके 

देश के अधिकतर राज्यो में गौहत्या कानूनन अपराध है, पर इसके बाबजूद मजहबी उन्मादी रोज ही अपराध करते है और ऐसा ही बिहार के बेतिया में भी होता है

गौमांस के अवैध अड्डे चलते है और ये अड्डे मजहबी उन्मादी बहुल इलाकों में चलाये जाते है, इन अड्डों से पर्यावरण को काफी नुक्सान पहुँचता है और कभी कभी कुछ मुसलमान भी इन अड्डों से परेशान हो जाते है 

बेतिया के मोहम्मद अफरोज भी अवैध अड्डों से परेशान हो गए और इन अवैध अड्डों के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई तो मुस्लिम भीड़ ने अफरोज के घर पर हमला कर दिया, उनको अधमरा तो कर ही दिया साथ ही उनकी पत्नी को भी नंगा करने की कोशिश की, उनके गहने भी छीन लिए, इस से पहले की वो उन्हें मार ही डालते, कुछ पडोसी शोर सुनकर आने लगे तो हमलावार भाग गए 

ये घटना 14 मई को घटित हुई, अफरोज अस्पताल में भर्ती है और स्तिथि गंभीर है, उनका सिटी स्कैन भी हुआ है 


अफरोज के भाई ने बताया की - अवैध मांस के अड्डो से पूरा वातावरण दूषित हो चूका, यहाँ रोज ही 3 गायों को काटा जाता है और जुम्मा नमाज़ वाले दिन 20 गायों को काटा जाता है, खून को नाली में बहा दिया जाता है और हड्डियों को भी यहाँ वहां फेंक दिया जाता है, जिस से लोगो का रहना दूभर हो चूका है 

मजहबी उन्मादियों के आतंक का ये माहौल है की पुलिस भी उन्मादियों पर एक्शन से डरती है, उन्मादी भीड़ बनाकर मजहबी नारे लगाकर हमला कर देते है, अफरोज ने इनके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की तो उनके घर पर हमला कर दिया गया और उन्हें अस्पताल में पहुंचा दिया गया, उनकी पत्नी के कपडे फाड़े गए और गहने लूट लिए गए, ये तो पडोसी आने लगे तो जान बच गयी अन्यथा गाय काटने वाले उनके पुरे परिवार को काटने के लिए आये थे 

अफरोज परिवार ने ये भी बताया की प्रशासन को कई बार पत्र भी लिखे जा चुके है, गौहत्या होने के चलते सांप्रदायिक तनाव भी रहता है पर कभी कोई एक्शन नहीं लिया जाता, उन्मादी बेख़ौफ़ है और रोज 3 गाय और जुम्मा नमाज़ के दिन 20 गायों को काटते है full-width