बंगाल में कोरोना मृतकों का आंकड़ा छिपा रही ममता बनर्जी, सामने आ रहे खतरनाक तथ्य


जिस तरह चीन ने अपने यहाँ कोरोना को लेकर आंकड़े छिपाए उसी तरह पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और उनकी सरकार भी कोरोना को लेकर बड़े पैमाने पर आंकड़े छिपा रही है

जिस तरह चीन से कई खतरनाक तथ्य सामने आये इनमे 2 करोड़ के आसपास चीनियों के गायब होने का आंकड़ा भी शामिल है, उसी तरह अब पश्चिम बंगाल से भी गंभीर और खतरनाक तथ्य सामने आ रहे है 

बंगाल में कोरोना के कितने मरीज है और कितने मरीजो की कोरोना से मौत हुई है उसे लेकर राज्य सरकार कई तरह के आंकड़े पेश कर रही है 

पहले राज्य सरकार ने कहा की अबतक कोरोना से सिर्फ 57 मौतें हुई है, पर अब अचानक सरकार ने मौतों का आंकड़ा 57 से 105 बता दिया

यहाँ समझना मुश्किल है की सरकार पहले सिर्फ 57 मौतों का आंकड़ा क्यों बता रही थी, फिर अचानक 57 से बढाकर 105 क्यों कर दिया गया, आखिर इसके पीछे कारण क्या है

जानकर ये भी मान रहे है की 105 का आंकड़ा भी सही नहीं है, बंगाल की सरकार कोरोना मरीजों की न संख्या सही बता रही है और न ही वहां मौतों पर सही आंकड़ा दे रही है 

एक तथ्य ये भी है की बंगाल में मजहबी उन्मादी बहुल इलाके बहुत है और इन इलाकों में लॉक डाउन का किसी भी तरह का पालन शुरू से ही नहीं किया गया है, इन इलाकों में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्यो की भारी संख्या है 

कदाचित बंगाल की सरकार इसलिए आंकड़े छिपा रही है क्यूंकि असली आंकड़े सामने आये तब देश में घुसबैठियों और मजहबी उन्मादियों को लेकर फिर बहस छिड जाएगी और बंगाल की ममता बनर्जी सरकार हर तरीके से उन्मादियों का संरक्षण करना चाहती है