बीडी देने से मना किया तो मौलाना ने 3 बेटों के साथ मिलकर दलित को मारा, मुहं पर थूका



कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते प्रकोप के चलते देशव्यापी लॉकडाउन लगाना पड़ा, लेकिन कुछ जाहिल लोग अभी भी इसे गंभीरता से लेने को तैयार नहीं हैं. मामाला उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) का है. जहां लॉकडाउन के चलते दुकान बंद होने पर बीड़ी की मांग पर असमर्थता जाहिर करने के बाद मौलाना ने बेटो संग मिलकर दुकानदार को जमकर पीटा. 

इतना ही नहीं उसके चेहरे पर भी थूका. पीड़ित की तहरीर पर आरोपी मौलाना और उसके तीनों बेटों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है. पीड़ित युवक अनुसूचित जाति का बताया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला कंकड़खेड़ा के लखवाया गांव का बताया जा रहा है. पीड़ित अरूण ने तहरीर में बताया कि लॉकडाउन के कारण उसकी थी दुकान बंद थी तभी मौलाना इस्लामुद्दीन के बेटे रहीश ने उससे बीड़ी और तंबाकू की मांग की, जिसपर उसने इंकार कर दिया. इतना सुनते ही रहीश गालियां देने लगा, तथा धमकी देकर वहां से चला गया. यह घटना शनिवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है.

पीडित की तहरीर के मुताबिक करीब आधे घंटे बाद रहीश अपने पिता मौलाना इस्लामुद्दीन और दो भाइयों को लेकर अरूण के घर के आया है और भीतर घुसकर उसे बाहर घसीट लाया. इसके बाद मौलाना ने अपने तीनों बेटों के साथ मिलकर दलित युवक को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा. 

पीड़ित का आरोप है कि पिटाई के बाद मौलाना ने उसके चेहरे पर थूक दिया. दलित युवक की चीख-पुकार सुनकर गांव के और लोग भी इकट्ठे हो गए, लोगों को आता देख हमलावार भाग गए.

घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया. पीड़ित अरूण के पिता धर्मवीर की तहरीर पर मौलाना इस्लामुद्दीन समेत तीनों बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है.