तारिक जमील कह रहा था - मुसलमानों को नहीं होगा कोरोना, अब कहा - घरों में ही पढो नमाज़, बाहर न निकलो कोरोना है



इस्लामी उन्मादी उन्मादी में इतना चूर है की इन्होने कोरोना को लेकर शुरुवात में बहुत भ्रम फैलाया, इस तथ्य के बाबजूद की कोरोना ने सऊदी और ईरान जैसे मुसलमान देशों को भी नहीं छोड़ा और वहां हजारों की मौतें हो चुकी है 

कोरोना को लेकर भारत और पाकिस्तान में मजहबी उन्मादियों ने जमकर भ्रम फैलाया है, कोई कहता है नमाज़ पढने वालो को कोरोना नहीं होगा, कोई कहता है की मुसलमानों को कोरोना नहीं होगा 

यही बात बॉलीवुड के आमिर खान का मजहबी गुरु तारिक जमील भी कह रहा था, पहले बता दें की तारिक जमील पाकिस्तान के सबसे बड़े इस्लामी मजहब गुरुओं में से एक है 

तारिक जमील ने कुछ ही दिनों पहले कहा था की - मुसलमानों को कोरोना नहीं होगा क्यूंकि मुसलमानों में इस्लाम की ताकत है, हाथ मिलाओ, कोई फिकर न करो मुसलमानों को कोरोना नहीं होने वाला, साथ ही साथ तारिक जमील ये भी कह रहा था की घरों में रहने की कोई जरुरत नहींम मस्जिदों में आओ नमाज़ पढो, कोई कोरोना वोरोना कुछ नहीं है 

अब पाकिस्तान की स्तिथि ये है की वहां कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे है और अब तरीक जमील ने कहा है की - मस्जिदों में आने की जरुरत नहीं, अपने घरों में ही नमाज़ पढो, एक दुसरे से कम से कम मिलो, देखिये और सुनिए दोनों बाते 

कहा जा सकता है की कोरोना ने इस्लामी मजहब गुरु की पतलून को गीला कर दिया है, जो तारिक जमील इस्लाम की ताकत की बात कर रहा था वो अब खुद कह रहा है की भैया घर में ही नमाज़ पढो, मस्जिदों में आने की जरुरत नहीं वरना कोरोना काट लेगा