ऐ मेरे अल्लाह, काफिरों को कर दे कोरोना से बीमार, मुसलमानों को नहीं : मौलाना



कहने को सभी धर्म एक बराबर है, सभी इंसानियत, मानवता, प्रेम, भाईचारा सिखाता है, पर इस बात तो रोज ही अनेक मजहबी उन्मादी एक कोरा झूठ साबित करते रहते है

एक मुस्लिम धर्म गुरु ने अल्लाह से मांग करी है की कोरोना वायरस से काफिरों को बीमार कर दे, यानि जो मुसलमान नहीं है उनको बीमार कर दे पर मुसलमानों को नहीं

मौलाना ने मुसलमानों की भीड़ के सामने ये मांग की है की - काफ़िर देशों में खूब कोरोना फैले अल्लाह पर मुसलमान देश में नहीं

मौलाना की हरकत को विडियो में भी देखा जा सकता है

मौलाना एक मुसलमान है और इसके धर्म का नाम है इस्लाम, अब क्या ये मौलाना इंसानियत, मानवता, प्रेम की भाषा बोल रहा है

वैसे आपको बता दें की भारत में इस समय कोरोना सबसे ज्यादा मुसलमानों को ही शिकार बना रहा है, और मरने वालो में भी मुसलमान ही सबसे ज्यादा है, कई उन्मादी कह रहे थे की नमाज़ पढने से कोरोना नहीं होगा, मुसलमानों को कोरोना नहीं होगा, मस्जिद आने से कोरोना नहीं होगा, कोरोना तो कुरान से निकला है हमे नहीं होगा, पर अब तमिलनाडु से केरल, दिल्ली से बंगाल, हर तरफ ज्यादा पीड़ित मुसलमान ही है