साजिश करके दिल्ली से केजरीवाल भगा रहा यूपी-बिहारियों को ? ताकि बंगलादेशी ले सके उनकी जगह


राजनीती से पहले चर्च और मिशनरियों के यहाँ काम करने वाला अरविन्द केजरीवाल एक शातिर शख्स है इसमें कोई संदेह नहीं है, पर किसी ने ये उम्मीद नहीं की थी की कोरोना जैसे संकट काल में भी केजरीवाल इस तरह की हरकतों को अंजाम देगा 

सरकार ने लोगो से घरों में रहने की अपील की है पर 27 मार्च को अचानक दिल्ली में एक अफवाह उड़ाई गयी - "जिन लोगो को यूपी बिहार में अपने घर जाना है, उनके लिए आनंद विहार बस अड्डे पर बसे तैयार है", इसी तरह की कई अन्य अफवाह भी व्हाट्सऐप पर बड़े पैमाने पर फैलाई गयी 

कहीं बताया गया की लाल कुंवा पर बसे है, तो कहीं बताया गया गाज़ियाबाद के कौशांबी में बसें है, इन अफवाहों के बाद दिल्ली से बड़े पैमाने पर यूपी और बिहार के मजदुर और गरीब तबके के लोग सड़कों पर निकल आये 

यूपी बॉर्डर पर कोहराम सा मच गया और लोगो ने योगी आदित्यनाथ और मोदी को कोसना भी शुरू कर दिया

यहाँ आपको सबसे बड़ी चीज पर गौर ये करना चाहिए की बाकायदा यूपी बॉर्डर पर बहुत से लोगो को DTC यानि दिल्ली परिवहन निगम के बसों द्वारा लाया गया 

आपकी जानकारी के लिए बता दें की DTC केजरीवाल सरकार के इशारे पर चलती है, 1 भी DTC बिना केजरीवाल सरकार की अनुमति के नहीं चल सकती, तो फिर जो DTC बसें दिल्ली में लोगों को भर भर कर यूपी बॉर्डर पर चल रही थी वो आखिर किसके इशारे पर चल रही थी ? 

साफ़ है की केजरीवाल और उसकी सरकार के इशारे पर ये DTC बसें चल रही थी और बड़े पैमाने पर लोगो को यूपी बॉर्डर पर छोड़ दिया गया, वहां कोई बसें नहीं थी तो लोग फिर पैदल ही अपने अपने शहरों की ओर निकलने लगे और मोदी-योगी को कोसा गया 

अब मान लीजिये की आनंद विहार, लाल कुंवा इत्यादि पर बसों की अफवाह केजरीवाल की पार्टी ने नहीं फैलाई तो DTC बसें किसने चलवाई ? साफ़ होता है की केजरीवाल दिल्ली से यूपी - बिहारी लोगो को खदेड़ना चाहता है

केजरीवाल का वो बयान भी यहाँ याद करना चाहिए - "बिहारी 500 रुपया का टिकेट लेकर दिल्ली आ जाता है और याहं 5 लाख का इलाज करवा के चला जाता है", यूपी-बिहारियों के प्रति केजरीवाल की नफरत काफी पुरानी है 

अब सवाल ये है की केजरीवाल आखिर दिल्ली से यूपी-बिहारियों को भगा क्यों रहा है ? तो इसका जवाब ये की केजरीवाल बांग्लादेशियों का एक बड़ा समर्थक है, केजरीवाल चाहता है की दिल्ली के फैक्ट्रीयों, सोसाइटीयों और पुरे सिस्टम से यूपी-बिहारी बाहर हो जाये ताकि उनकी जगह मज़बूरी में ही फैक्ट्री मालिकों, सोसाइटीयों को बांग्लादेशियों को रखना पड़े

व्हाट्सऐप पर अफवाह फैलाए जाने के बाद जिस तरह केजरीवाल के अंतर्गत आने वाली DTC बसें सड़क पर चलने लगी और लोगो को यूपी बॉर्डर पर छोड़ने लगी उस से सबकुछ साफ़ हो गया है