चीन में बढ़ रहा है सनातन धर्म, लोग खुद ही अपना रहे वैदिक रीति रिवाज, अंतिम संस्कार के लिए भी शव को जलाने का बढ़ा कल्चर



चीन के अन्दर सनातन धर्म के सबूत हजारों वर्षों से भी ज्यादा पुराने है, पर धीरे धीरे चीन एक नास्तिक देश बन गया, आज चीन दुनिया का सबसे बड़ा नास्तिक देश है

चीन जहाँ पर सरकार ने इस्लाम को मानसिक बीमारी और ईसाइयत को बड़ा खतरा घोषित किया हुआ है और मस्जिदों और चर्च पर सरकार ताले लगा रही है वहीँ दूसरी तरफ चीन के लोगो में अपने जीवन में बदलाव और शांति के लिए सनातन धर्म का चलन काफी बढ़ गया है

एक जानकारी के मुताबिक चीन के तमाम बड़े शहरों में लोग योग को बड़ी तेजी से अपना रहे है और योग के साथ साथ चीन के लोग अपने जीवन में बदलाव और मानसिक शांति के लिए सनातन धर्म के अन्य रीति रिवाजों को भी तेजी से अपनाते चले जा रहे है

चीन में सनातन धर्म के पालन पर कोई रोक नहीं है, चीन में लोग योग के अलावा बड़े पैमाने पर आरती सीख रहे है और आरती कर भी रहे है, चीनी लोग इसके साथ साथ हाथ में कलावा बाँधने, माथे पर तिलक के लेप जैसे सनातन कर्मो को भी सीख रहे है और लोग इसे अपना भी रहे है

चीन की सरकार ने तो अब वहां पर शवों को दफनाने की जगह जलाने के नियम भी बनाने शुरू कर दिए है, चीनी सरकार ने तो क्रोना वायरस से मरने वाले लोगो को दफ़नाने की जगह जला कर अंतिम संस्कार करने का आदेश दिया है, चीनी सरकार का कहना है की - दफ़नाने से बीमारियाँ ख़त्म नहीं होती, वायरस या बैक्टीरिया शरीर से जमीन में आ जाता है और बीमारियाँ इलाके में बनी रहती है, जलाने से ही वायरस और बैक्टीरिया ख़त्म होते है अतः अंतिम संस्कार के लिए जलाने पर जोर दिया जाये

चीन में लोग तेजी से सनातन धर्म की विधियों को अपना रहे है और इसमें किसी भी बाहरी शक्ति का कोई हाथ नहीं है, चूँकि चीन की सरकार बहुत ताकतवर है और वो तो इस्लाम और ईसाइयत को भी फैलने नहीं देती 

चीन में लोग स्वयं ही अपनी इक्षा से सनातन धर्म की विधियों को सीख रहे है, कोई उनका धर्मांतरण नहीं कर रहा बल्कि वो स्वेक्षा से अपने जीवन में बेहतर बदलाव लाने के लिए सनातन परंपरा में खुद को ढाल रहे है