हेरोईनो की तरह सेक्सी नहीं दिख रही थी बीवी इसलिए इमरान ने दिया तीन तलाक, फातिमा को निकाल फेंका घर से

सांकेतिक चित्रण 

वो आधुनिक नही थी इसलिए उसको अपने पुराने कानून से तलाक दिया.  तलाक देने वाला पढा लिखा था , उसको ये भी पता है कि देश की संसद ने बाकायदा कानून बना डाला है इस कुप्रथा के खिलाफ, लेकिन उसके बाद भी सिर्फ चरमपंथ दिखाने की जिद व कानून को न मानने का जुनून ही ऐसा सर पर सवार हुए कि अपनी उस बीवी को 3 तलाक दे डाला जिस पर आरोप लगा है कि वो विदेशी लड़कियों जैसी न तो दिखती है और न ही उनके जैसी हरकत करती है.  छोटे कपड़े क्यों नहीं पहनती और शराब आदि का सेवन क्यों नही करती ?

ध्यान देने योग्य है कि ये मामला आया है बिहार की राजधानी पटना से. जहां छोटे कपड़े नहीं पहनने व शराब नहीं पीने पर नमरा को दिया शौहर ने तीन तलाक़. पटना निवासी एक महिला ने दिल्ली में तीन तलाक का मामला दर्ज कराया था जिसमें पता लगा की छोटे कपडे नहीं पहनने पर , पार्टी में शराब न पीने की वजह से हुआ है विवाद। शौहर पर दूसरा निकाह करने की तैयारी का भी आरोप लगाया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर नमरा फातिमा का निकाह पटना सिटी के खजूरबन्ना निवासी इमरान मुस्तफा के साथ 5 साल पहले हुआ था। महिला का कहना है कि वह शौहर के साथ ही रहना चाहती है।

पीड़िता ने दिल्ली के शाहीन बाग में तीन तलाक का मामला दर्ज कराया है। दिल्ली में व्यवसायी शौहर पर आरोप लगाया है कि शौहर को जींस, टी-शर्ट और मिनी स्‍कर्ट पहननेवाली आधुनिक बेगम चाहिए थी। हालांकि, पीड़िता को यह सब पसंद नहीं है। पार्टियों में छोटे कपड़े पहन कर चलने और शराब पीने का दबाव देता है। इनकार करने पर पीड़िता के साथ मारपीट भी की जाती है। नमरा ने शौहर पर दो बार गर्भपात कराये जाने का भी आरोप लगाया है।

महिला आयोग में काउंसिलिंग के लिए सोमवार की तिथि थी, लेकिन ससुराल के लोग उपस्थित नहीं हुए।
हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक साथ तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के लिये अध्यादेश पेश किया और इस अध्यादेश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपनी सहमति दी है। लोकसभा द्वारा अनुमोदित मुस्लिम महिला विधेयक ने वर्ष 2017 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को वैधानिक रूप देने की मांग की, जिसने तलाक-ए- बिद्दत को गैरकानूनी घोषित कर दिया था।

तलाक के इस रूप के लिये तीन साल की जेल की सज़ा और दंड का प्रावधान किया है। कहा था कि यह इस्लाम की शिक्षा के विरुद्ध है।शायरा बानो की याचिका पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। शायरा को उनके पति ने तीन बार तलाक लिख कर चिट्टी भेजी थी, जिसके बाद उन्होंने उन्हें छोड़ दिया था। इसी के बाद शायरा ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। तब शायरा की याचिका के साथ चार और मुस्लिम महिलाओं की ऐसी ही याचिकाएं जोड़ दी गई थीं।