कश्मीर में चला था शरिया लागू करने, अमित शाह ने भर दिया खाल में भूसा, शाह फैसल का गेम ओवर


जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा महबूबा मुफ्ती के बाद अलगाववादी विचारधारा के पूर्व आईएएस शाह फैसल पर भी शिकंजा कस गया है. खबर के मुताबिक़, जम्मू कश्मीर से धारा 370 के हटाए जाने के समय से ही नजरबन्द शाह फैसल पर अब जन सुरक्षा कानून PSA के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

बता दें कि शाह फैसल प्रशासनिक सेवा छोडकर राजनीति में आये थे. लेकिन जब शाह फैसल राजनीति में आये तो उनके बयानों से पता चला कि वाह राजनीति में अपने अलगाववादी मंसूबों को पूरा करने के लिए आये हैं.
लेकिन फिर मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटा दी. इससे न सिर्फ शाह फैसल बल्कि सभी अलगाववादियों के सारे नापाक मंसूबे ध्वस्त हो गये. 

बता दें कि शाह फैसल जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही नजरबंद हैं और फिलहाल वह श्रीनगर में ही हिरासत में हैं, जिन पर अब अब कठोर प्रावधानों वाले जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह कानून प्रशासन को किसी व्यक्ति को बिना केस चलाए 2 साल तक जेल में रखने की अनुमति देता है.

दरअसल, जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद बाद राज्य के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, अली मोहम्मद सागर आदि पर भी जन सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. 

जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत दो प्रावधान हैं-लोक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा को खतरा. पहले प्रावधान के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के छह महीने तक और दूसरे प्रावधान के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है.


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