अमृतसर - मुसलमानो ने स्वर्ण मंदिर के बाहर पढ़ी नमाज़, लोगो ने पुछा - जामा मस्जिद में गुरुवाणी या भजन कब होगी ?



आये दिन आपको इस तरह की घटनाएं दिखाई देती है, मीडिया की हैडलाइन होती है की - पेश की गयी सौहार्द की मिसाइल, पेश की गयी भाईचारे की मिसाइल, मुस्लिम लोगो ने मंदिर में पढ़ी नमाज़, मुस्लिम लोगो ने गुरुद्वारे में पढ़ी नमाज़

हर बार आपको इस खबर के साथ बताया जायेगा की - भाईचारे और सौहार्द की मिसाइल को पेश कर दिया गया, और फिर से ये खबर अब आयी है और ये ताजा खबर और घटना है अमृतसर की जहाँ पर हरमिंदर साहिब गुरूद्वारे जिसे गोल्डन टेम्पल या स्वर्ण मंदिर भी कहते है वहां मुसलमानो ने नमाज़ पढ़ी

इस खबर के साथ भी मीडिया ने हैडलाइन बनाया है की - सौहार्द और भाईचारे की मिसाइल को पेश कर दिया गया, देखिये

रोज कहीं न कहीं से इस तरह खबर और यही हैडलाइन आपको दिखाई देती होंगी, पर अब लोगो ने भी सवाल पूछने शुरू कर दिए, लोग भी जागरूक हो रहे है और लोगो के सवाल कुछ इस प्रकार के है


लोगो के सवाल भी जायज है क्यूंकि क्या भाईचारा और सौहार्द तथा सेकुलरिज्म सिर्फ एक तरफा चलेगा, कभी मीडिया ये खबर तो नहीं बताती की मस्जिद के अंदर गुरुवाणी की गयी, मस्जिद के अंदर पूजा पाठ, भजन कीर्तन किया गया 

आखिर क्या सिर्फ मंदिरों और गुरुद्वारों से ही सौहार्द की मिसाइल पेश की जाएगी,  मस्जिदों और चर्चों को सौहार्द और भाईचारे की मिसाइल पेश करने का मन नहीं होता ?