बलिदानी कांस्टेबल रतन लाल के घर से लोगो ने केजरीवाल-सिसोदिया को धक्के देकर भगाया



आज दिल्ली पुलिस के बलिदानी कांस्टेबल रतन लाल के पार्थिव शरीर को दिल्ली के बुरारी में स्तिथि उनके घर लाया गया, मजहबी उन्मादियों ने अल्लाह हु अकबर के नारे लगाते हुए दिल्ली के मौजपुर इलाके में कांस्टेबल रतन लाल को मौत के घाट उतार दिया था 

बलिदानी रतन लाल के पार्थिव शरीर को उनके घर लाया गया तो वहां काफी संख्या में लोग जमा हो गए और परिवार के साथ लोगो ने एकता दिखाई 

इसी बीच बलिदानी रतन लाल के घर पर अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी पहुँच गए, पर वहां मौजूद लोगो ने दोनों को ही बलिदानी रतन लाल के घर में नहीं जाने दिया, दोनों बलिदानी रतन लाल की पत्नी और बच्चों के साथ तस्वीरें खिंचवा कर वहां से जाना चाहते थे 

लोगो ने जैसे ही केजरीवाल और सिसोदिया को देखा वहां लोगो में आक्रोश आ गया और लोगो ने पहले तो नारेबाजी की फिर केजरीवाल और सिसोदिया को गालियाँ दी गयी, लोग इतने भर से नहीं रुके और लोगो ने केजरीवाल और सिसोदिया को पकड़ने की कोशिश की, दोनों के साथ उनके लोग भी थे इसी कारण वहां धक्का मुक्की हुई

लोगो ने आख़िरकार केजरीवाल और सिसोदिया को बलिदानी रतन लाल के घर नहीं ही जाने दिया और धक्के देकर दोनों को भगा दिया 


बता दें की आम आदमी पार्टी के नेता अमंतुल्लाह खान ने शाहीन बाग़ में इस्लामिक उन्मादियों के साथ मंच साझा किया था, और वोटिंग से ठीक पहले मनीष सिसोदिया ने कहा था की - हम शाहीन बाग़ वालो के साथ है 

बलिदानी रतन लाल अपने पीछे पत्नी और 3 बच्चों को छोड़कर गए है, बलिदानी रतन लाल मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के थे, और दिल्ली के बुरारी में रह रहे थे