दिल्ली में अल्का को जनता ने किया हल्का, जमानत जप्त, बुर्खा पहनकर घूम रही थी तब भी मुसलमानों ने नहीं दिया वोट


पहले जीवन भर कांग्रेस को अपनी सेवा दी, फिर कुछ दिनों तक केजरीवाल की पार्टी को अपनी सेवा दी फिर सेवा लेने के बाद केजरीवाल ने पार्टी से निकाल दिया तो फिर पुरानी पार्टी कांग्रेस में शामिल हुई अल्का लाम्बा को अब दिल्ली की जनता ने भी लगभग निकाल फेंका है 

दिल्ली में अल्का लाम्बा ने इस बार चांदनी चौक सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, अल्का लाम्बा ने चुनाव प्रचार के दौरान बुर्खा पहनकर वोट मांगे, बुर्खा पहनकर मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी भी की 

इसके साथ साथ लाइव बुर्खा पहनकर लोगो को भी दिखाया पर फिर भी अल्का लाम्बा को मुसलमानों ने वोट नहीं दिया और अल्का लाम्बा तो पहले से ही हिन्दुओ के वोट नहीं चाहती थी

दिल्ली में मुसलमानों ने एक तरफ़ा वोट आम आदमी पार्टी को ही दिया क्यूंकि मुसलमान अपने वोट में विभाजन नहीं चाहता था, वो एकजुट था और उसने तो बीजेपी को रोकने के लिए वोट दिया और उसका वोट आम आदमी पार्टी को गया 

पर अल्का लाम्बा का खेल ख़त्म हो गया, जगह जगह अल्का लाम्बा ने बुर्खा पहनकर मुसलमानों को खुश करने की कोशिश भी की पर कामयाब नहीं हो सकी, और दिल्ली की जनता ने अल्का को हल्का कर दिया और चांदनी चौक सीट पर अल्का लाम्बा की जमानत जप्त हो गयी