अलीगढ में मुस्लिम महिलाओं ने मिलकर किया दंगा, छतों से किये हमले, आतंक और खौफ का माहौल



नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देश में एक बार फिर माहौल गर्म हो चुका है, दिल्ली के शाहीन बाग के बाद जाफराबाद, चांदबाग के बाद अब इस प्रदर्शन की आग अब उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh) तक पहुंच गई. यहां रविवार को ऊपरकोट कोतवाली क्षेत्र में सीएए विरोध की आढ़ में मजहबी उन्मादियों ने खूब अराजकता फैलाई. 

इस दौरन पुलिसकर्मियों पर भी जमकर पत्थरबाजी की गई, जिसमें एक आरएएफ के जवान समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. मामले की संजीदगी को देखते हुए एहतियातन जिले में कल रात 12 बजे तक इंटरनेट की सेवा बंद कर दी गई है.

दरअसल, रविवार को मामला तब बिगड़ गया जब मजहबी उन्मादियों ने ऊपरकोट कोतवाली पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने हमलावरों को वहां से हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले भी दागे. 

वहीं मामले की जानकारी देते हुए डीएम चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि शाहजमाल में ईदगाह के बाहर सीएए, एनपीआर और एनआरसी के विरोध में महिलाओं और बच्चों का धरना-प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा था. दो दिन पहले बड़ी संख्‍या में मुस्लिम महिलाएं एकत्रित होकर ऊपरकोट कोतवाली क्षेत्र में आ गईं और कोतवाली के बाहर बैठ गईं. 

पुलिस और प्रशासन लगातार महिलाओं को समझाने का प्रयास कर रहा था. इसी बीच, रविवार को पुलिस की गाड़ी पर पथराव के बाद उपद्रव की स्थिति बन गई.

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन सड़क को खुलवाने की कोशिश कर रही थी. तभी कुछ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की छात्राओं ने उन्हें भड़काया. जिसके बाद मजहबी उन्मादियों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी.पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. फिलहाल माहौल शांत है. हम लोग घटना की जांच कर रहे हैं.




वहीं बता दें कि इस पूरे प्रदर्शन में एक युवक को गोली लगने की भी खबर सामने आ रही है. घायल को गंभीर अवस्था में उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है. गोली किस प्रकार लगी और किसने मारी, अभी तक इसकी सही जानकारी नहीं हो पा रही है. 

मजहबी उन्मादियों ने गली में पुलिसकर्मियों को घेरकर छतों से पतथरबाजी की, इस पथराव में आरएएफ का एक कॉन्‍स्‍टेबल भी घायल हुआ, जिसकी पहचान सुभाष राठी के तौर पर हुई है. वहीं कई और भी पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही जा रही है.