श्रीवास्तव परिवार ने बहुत भरोसे से हसीना को नौकरी पर रखा था, खाने में पेशाब करके खिलाने लगी हसीना

सांकेतिक चित्रण


बहुत बुरा हुआ श्रीवास्तव परिवार के साथ, श्रीवास्तव परिवार भाईचारा ही तो निभाना चाहता था, इसी कारण उन्होंने हसीना को ही नौकरी पर रखा, श्रीवास्तव परिवार को भाईचारे पर बहुत भरोसा था 

गाज़ियाबाद के सेक्युलर श्रीवास्तव परिवार ने हसीना का कितना पेशाब पिया ये कहना मुश्किल है, पर पुरे परिवार ने हसीना का खूब पेशाब पिया ये बात अब सामने आ चुकी है 

गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम में एक परिवार ने हसीना नामक महिला को घर में खाना बनाने की नौकरी पर रखा था, श्रीवास्तव परिवार को हसीना पर पूरा भरोसा था, और हसीना के हाथ से बना खाना वो चाव से खाते थे 

2 साल से हसीना श्रीवास्तव परिवार के घर में नौकरी कर रही थी और 2 साल से लगातार खाना बनाकर परोस रही थी, काफी समय बाद श्रीवास्तव परिवार की महिला को थोडा सा शक हुआ तो घर में CCTV लगवा दिया गया, बाद में पता चला की हसीना खाने में पेशाब करती है 

CCTV में दिखाई दिया की हसीना बर्तन को धोने के बाद उस में पेशाब करती है फिर उसमे खाना बनाती है और श्रीवास्तव परिवार के लोगो के पेट में वो खाना पहुँच जाता है 

 देखिये बर्तन में पेशाब करती हसीना 





अब श्रीवास्तव परिवार के होंश उड़ गए, 2 साल से हसीना का कितना पेशाब श्रीवास्तव परिवार ने पी लिया ये कहना मुश्किल है, पर मजहबी समुदाय की दहशत ही ऐसी है की श्रीवास्तव परिवार हसीना का कुछ बिगाड़ न सका, और हसीना को बस नौकरी से ही निकाला गया, उसके खिलाफ और कोई कार्यवाही नहीं की गयी 

हसीना का तो कुछ नहीं बिगड़ा क्यूंकि श्रीवास्तव परिवारों, सिंह, शर्मा, गुप्ता, अग्रवाल इत्यादि परिवारों की कोई कमी थोड़ी है जो सिर्फ और सिर्फ भाईचारा ही निभाना चाहते है, हसीना को तो फिर नौकरी मिल जाएगी पर श्रीवास्तव परिवार के पेट में पहुचे हसीने के पेशाब का अब कुछ नहीं हो सकता 

श्रीवास्तव परिवार ने बहुत भरोसे से हसीना को नौकरी पर रखा था, और हसीना ने मजहबी उन्माद वाली सोच से श्रीवास्तव परिवार को 2 सालों तक अपना पेशाब पिलाया