दिल्ली की पाँचों मुस्लिम बहुल सीटों पर जीते उन्मादी, एकजुट कौम की तरह मुस्लिमो ने एकता दिखाते हुए किया वोट



दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके है और दिल्ली में फिर एक बार अरविन्द केजरीवाल की पार्टी AAP की जीत हुई है, इस चुनावों में मुस्लिम समुदाय ने एकता का नमूना पेश किया वहीँ हिन्दू समाज के वोटों में बड़े पैमाने पर विभाजन देखा गया 

दिल्ली में 70 मे से 5 विधानसभा सीटें ऐसी है जहाँ पर मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है यानि ऐसी सीटें जहाँ मुस्लिम आबादी 50% से ज्यादा है 

ये सीटें है - सीलमपुर, मुस्तफाबाद, मटिया महल, बल्लीमारान और ओखला, दिल्ली में सबसे ज्यादा वोटिंग भी इन्ही इलाकों में हुई थी और मुस्लिम समुदाय ने लम्बी लम्बी कतारें भी लगायी थी 

इन सभी 5 सीटों पर आम आदमी पार्टी की जीत हुई है और जो लोग इन सीटों पर जीतकर अब दिल्ली विधानसभा में जा रहे है उनका इतिहास मजहबी उन्माद से भरा हुआ है

मटिया महल से शोएब इकबाल जीता है, ये पहले कांग्रेस का नेता हुआ करता था और जब शीला दीक्षित की सरकार थी तब इसे दिल्ली के ओवैसी के रूप में जाना जाता था, हाल ही में आम आदमी पार्टी में आया और फिर विधायक बन गया

ओखला सीट से अमंतुल्लाह खान जीता है जो की एक बड़ा इस्लामिक जिहादी और मजहबी उन्मादी है, इसका इतिहास बटला हाउस एनकाउंटर से लेकर अभी तक का है और इस पर आतंकियों से रिश्तों के आरोप भी लगते रहे है 

बल्लीमारान से इमरान हुसैन जीता है, ये केजरीवाल की सरकार में मंत्री भी था और तब इसने हिन्दुओ के अंतिम संस्कार को भी बदलने की कोशिश की थी और कहा था की हिन्दुओ के अंतिम संस्कार से प्रदुषण फैलता है

इसके अलावा मुस्तफाबाद से हाफी युनुस और सीलमपुर से अब्दुल रहमान जीता है और ये भी मजहबी उन्माद के कई कारनामे दिल्ली में करते आये है

मुस्लिम समुदाय ने इस चुनावों में वोटिंग सिर्फ बीजेपी को रोकने के लिए की है और एकजुट होकर की है, मुस्लिम समुदाय ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में अपने वोटों का बंटवारा भी नहीं होने दिया क्यूंकि उनको हर हाल में बीजेपी को रोकना था और पहले से ही उन्होंने तय कर लिया था की दिल्ली में कांग्रेस नहीं आम आदमी पार्टी ही बीजेपी को रोक सकती है इसी कारण सभी ने मिलकर एकतरफा आम आदमी को वोट दिया 

हिन्दुओ के वोटों में काफी ज्यादा विभाजन देखने को मिला पर मुस्लिम समुदाय ने एकजुट होकर एकतरफा वोटिंग की और विधानसभा में एक से बढ़कर एक उन्मादी को भेज दिया