मुस्लिम लड़की ने निकाल फेंका बुर्खा, बोली - जिल्लत की जिंदगी से ले ली आज़ादी


इन दिनों सोशल मीडिया पर अरब और मुस्लिम देशों की महिलाओं के बीच एक होड़ सी लगी है और ये होड़ है इस्लामिक कट्टरपंथ से आज़ादी लेने की 

यूरोप और अमेरिका में पहुंची मुस्लिम महिलाएं अब इस्लामिक कट्टरपंथ से आज़ादी का ऐलान खुलकर कर रही है, मुस्लिम देशों में इनको बुर्खे और हिजाब में कैद रहकर रहना पड़ता है पर ये बुर्खे और हिजाब में रहना नहीं चाहती और इसी कारण जब ये आजाद देशों में पहुँचती है तो वहां बुर्खे और हिजाब को निकालकर फेंक देती है 

सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर मुस्लिम महिलाएं फ्री फ्रॉम हिजाब हाश्तैग के साथ इन दिनों अपनी तस्वीरें डाल रही है और आज़ादी का ऐलान कर रही है 

ऊपर जो तस्वीर आप देख रहे है ये एक ही महिला की तस्वीर है और इनका नाम है ज़हरा उमर, इन्होने अब इस्लामिक कट्टरपंथ से आज़ादी का ऐलान किया है, देखिये किस प्रकार इन्होने आज़ादी को सेलिब्रेट किया है 


ज़हरा कहती है की मेरा परिवार मुझपर कट्टरपंथ सौंप रहा था और मेरे परिवार ने मुझे त्याग दिया क्यूंकि मैंने कट्टरपंथ का विरोध किया, मैंने हिजाब छोड़ दिया है और मैं अब जिल्लत की जिंदगी से निकल चुकी हूँ 

ज़हरा ये भी कहती है की जिल्लत की जिंदगी से निकलने के बाद उनकी जिंदगी पहले से काफी ज्यादा बेहतर हो चुकी है और वो अब पहले से ज्यादा खुश हैं