नसीरुद्दीन शाह ने बेंगलुरु में आतंकवादी हाफिज सईद की तरह दिया भाषण, उगला मजहबी जहर



2014 तक देश में अधिकांश समय तक सेक्युलर सरकारों का दौर रहा, आतंकवाद का धंधा, धर्मांतरण बहुत आसानी से चलता रहा, पर कईयों को 2014 के बाद तकलीफ होने लगी और मोदी 2019 में एक बार फिर चुनकर आ गए तो कईयों ने अपने मुह पर लगे नकाब को निकाल फेंका और वो अब खुलकर अपना स्वरुप दिखाने लगे है

ऐसे लोगो में बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह शामिल है जो पिछले काफी लम्बे समय से जिहाद के सुर लगा रहे है और अब उन्होंने बेंगलुरु में CAA के खिलाफ मजहबी नफरत से भरा हुआ भाषण दिया है

नसीरुद्दीन शाह ने हुबहू आतंकवादी हाफिज सईद की तरह भाषण दिया और उनके अन्दर मजहबी नफरत कितनी अधिक मात्र में है उसका प्रदर्शन किया

लोग अबतक नसीरुद्दीन शाह को एक एक्टर ही मानकर चल रहे थे पर नसीरुद्दीन शाह ने साबित कर दिया की एक मजहबी उन्मादी चाहे उपराष्ट्रपति बन जाये चाहे एक्टर बन जाये, वो रहेगा मजहबी उन्मादी ही

दरअसल दिल्ली के शाहीन बाग़ की तरह बेंगलुरु में भी एक स्थान पर मजहबी उन्मादियों ने CAA के खिलाफ सड़क को घेरकर रखा हुआ है, नसीरुद्दीन शाह वही पहुंचे थे और वहां उन्होंने हाफिज सईद के लहजे में भाषण दिया जो की आप ऊपर विडियो में देख चुके है 

मोदी राज में इन लोगो ने अपने नकाब को उतार कर फेंक दिया है और अब ये खुलकर मजहबी उन्माद के अपने असली काम में आ चुके है