पिछड रहा था AAP का मुस्लिम उम्मीदवार, फतवा सा आया और सारे मुसलमान आ गए वोट करने और जितवा लिया हाजी युनुस को



दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए और आम आदमी पार्टी इस बार फिर चुनाव जीत गयी, पर दिल्ली की 1 सीट पर ऐसा इस्लामी ध्रुवीकरण हुआ की जानकार भी अब दंग रह गए है 

ये सीट है मुस्तफाबाद की, इस सीट पर सुबह की काउंटिंग के साथ ही बीजेपी के उम्मीदवार जगदीश प्रधान ने लीड बना ली और आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार हाजी युनुस पिछडने लगा, कई राउंड की वोटिंग के बाद भी बीजेपी उम्मीदवार आगे बना रहा और हाजी युनुस पीछे 

लोगो ने बीजेपी के उम्मीदवार को इस सीट पर जीता हुआ मान लिया फिर खुले आखिरी राउंड में हुई वोटिंग के EVM और उसके बाद जो हुआ वो देखकर सब दंग रह गए 

पहले आपको बता दें की EVM मशीन उसी क्रम में खुलते है जिस क्रम में उनमे वोटिंग हुई, यानि जिस EVM में सबसे पहले वोटिंग हुई काउंटिंग के समय उसी को सबसे पहले खोला जाता है 

मुस्तफाबाद सीट पर कुल 26 राउंड की वोटिंग हुई, बीजेपी के उम्मीदवार जगदीश प्रधान 14 राउंड की वोटिंग तक 60 हज़ार वोटों पर पहुँच गए जबकि 14 राउंड की वोटिंग के बाद हाजी युनुस 33 हज़ार वोट तक 

फिर 20वे राउंड की वोटिंग के बाद जगदीश प्रधान 60 हज़ार से 70 हज़ार पर पहुंचे पर हाजी युनुस 33 हज़ार से 68 हज़ार पर वहीँ 23वे राउंड की वोटिंग के बाद जग्रिश प्रधान 70 हज़ार से 70 हज़ार पर ही रह गए पर हाजी युनुस सीधे 68 हज़ार से 89 हज़ार पर, और आखिर राउंड यानि 26वे राउंड की वोटिंग के बाद जगदीश प्रधान 77 हज़ार वोट ही पा सके पर हाजी युनुस 98 हज़ार और इस चुनाव को आखिरी राउंड में हुई गिनती के बाद हाजी युनुस ने बड़े अंतर से जीत लिया 

अब हुआ क्या वो समझिये 

दरअसल जब वोटिंग होती है तो पार्टी के स्थानीय कार्यकर्त्ता बूथ पर होते है, वो देखते रहते है की किस प्रकार के वोटर आ रहे है और इस से वो ट्रेंड को भी समझते है, फिर वो अलग अलग तरह के जोर भी लगाते है और इसी तरह दिन भर वोटिंग होती रहती है 

मुस्तफाबाद के वोटिंग सेंटर्स पर हाजी युनुस के लोगो ने देखा की बीजेपी के वोटर ज्यादा आ रहे है वहीँ मुस्लिम वोटर कम, दोपहर तक यही चलता रहा तो कार्यकर्त्ता भांप गए की मुस्लिम समुदाय के लोग तो आश्वस्त है क्यूंकि उन्हें लग रहा है की मुस्लिम बहुल सीट है तो हाजी युनुस जीत ही जायेंगे इसलिए वो अधिक संख्या में नहीं आ रहे 

इसी को भांपने के बाद एक तरह से फतवा दिलवाया गया और पुरे इलाके में शोर सा मचा दिया गया की बीजेपी का उम्मीदवार जीत जायेगा और इसी के बाद पूरा समुदाय ही एकजुट होकर आ गया, और उसके एकतरफा वोट किया 

और इसी कारण जब काउंटिंग हुई तो 20 राउंड की काउंटिंग तक तो बीजेपी उम्मीदवार आगे रहा, पर आखिरी 6 राउंड की काउंटिंग में हाजी युनुस के पक्ष में इतने वोट सामने आये की 6 राउंड की काउंटिंग 20 राउंड की काउंटिंग पर भारी पड़ा, यानि जब वोटिंग हो रही थी तो आखिरी समय में फतवा सा आया और मुस्लिम समुदाय ने घरों से निकलकर वोटिंग की और अपने मुस्लिम उम्मीदवार को जितवा ही दिया, ये असल ध्रुवीकरण है जो की दिल्ली में देखा गया