संख्या की धमकी दे रहे ये चूजे, 55 देश होकर भी आजतक हमारा कुछ उखाड़ न सके, ये कायर सिर्फ भोंक सकते है काट नहीं सकते


दरअसल सच्चाई ये है की इन मजहबी उन्मादियों से ज्यादा बड़ा कायर कोई नहीं है, सिर्फ समस्या ये है की दुसरे लोग बहुत ही सहनशील, मानववादी होते है इसी कारण इन मजहबी उन्मादियों का उन्माद चलता रहता है, पर जहाँ इनको जवाब मिलता है वहां ये दुम दबाकर भागते है

भारत में मजहबी उन्मादियों ने 1947 में उन्माद मचाकर देश के टुकड़े कर दिए, तो इनको लगता है की ऐसा ये बार बार कर सकते है, बार बार ये अपनी संख्या को बढ़ाएंगे और बार बार देश के टुकड़े करने में कामयाब हो जायेंगे 

मजहबी उन्मादियों की संख्या अब काफी बढ़ चुकी है और इसी कारण ये अब फिर से देश के टुकड़े करने की धमकियाँ देने लगे है, अभी हाल ही में वारिस पठान नाम के मजहबी उन्मादी ने बताया की हम 15 करोड़ है पर 100 करोड़ पर भारी है

वैसे असल में इनकी संख्या 30 करोड़ से भी ज्यादा हो चुकी है, पर ये आंकड़ा छुपाते है, ये अब अपनी संख्या के दम पर देश को धमकाना चाहते है, टुकड़े कर देना चाहते है, इन लोगो को जवाब नहीं मिला तो ये और जहर उगलते रहेंगे पर इनको जवाब मिल गया तो ये दुम दबाकर भागेंगे और इसका उदाहरण है इजराइल 

मजहबी उन्मादी जो संख्या की धमकी दे रहे है, ये इतने कायर और कमजोर है की आजतक 80 लाख के एक छोटे से शहर जितने देश इजराइल का कुछ उखाड़ नहीं सके है, हां इजराइल ही आये दिन मजहबी उन्मादियों की संख्या को थोडा थोडा कम करते हुए मजहबी उन्मादियों को 72 हूरों के पास भेजता रहता है 

55 देश होकर आजतक ये 1 छोटे से इजराइल का कुछ बिगाड़ नहीं सके है और 1 छोटे से इजराइल ने इनकी छाती पर कई बार मुंग दली है, मजहबी उन्मादियों को कई युद्ध हराए है और लाखों की संख्या में मजहबी उन्मादियों को 72 हूरों तक भी पहुँचाया है 

असल चीज ये ही है की अगर इन मजहबी उन्मादियों को कड़ा जवाब मिले तो इनसे कायर कोई नहीं, और अगर इन मजहबी उन्मादियों के उन्माद को सामने वाला सहता रहे तो फिर इनका उन्माद कायम रहेगा, इनका उन्माद भारत में कायम है पर इजराइल में इनका उन्माद चूहे की तरह बिल में ही रहता है