बड़ा खुलासा - पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में 4000 करोड़ का घपला कर रहे थे अखिलेश यादव, योगी ने किया खुलासा


आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदुस्तान अख़बार ने शिखर सम्मलेन का आयोजन किया, इस सम्मलेन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भाग लिया और एक बड़ा खुलासा हुआ 

एक सवाल के जवाब में योगी ने बताया की अखिलेश यादव ने दिसंबर 2016 में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था, पर उसके लिए कोई जमीन ही नहीं थी, उन्होंने 8 लोगो को टेंडर भी बाँट दिए थे वो भी बिना जमीन के, यानि जमीन न होते हुए भी उन्होंने टेंडर बांटे थे, वो हवा में एक्सप्रेस वे बनवा रहे थे 

योगी ने बताया की अखिलेश यादव ने 15 हज़ार करोड़ रुपए में 340 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे का टेंडर बाँटा था, ये एक्सप्रेस वे 100 मीटर चौड़ा होना था, मार्च 2017 में योगी मुख्यमंत्री बने और उसके बाद उन्हों इस एक्सप्रेस वे पर काम शुरू किया 

योगी ने बताया की हमने पहले जमीन खरीदी और कुछ जमीनों का अधिग्रहण भी किया, अब वही एक्सप्रेस वे 11 हज़ार करोड़ रुपए में बन रहा है, जबकि अब एक्सप्रेस वे 110 मीटर चौड़ा है

योगी ने बताया की अखिलेश यादव ने 15 हज़ार करोड़ रुपए में टेंडर बांटे थे वो भी बिना जमीन ख़रीदे, बिना जमीन के अधिग्रहण किये, हवा में ही प्लानिंग चल रही थी और टेंडर बांटे जा रहे थे, वही एक्सप्रेस वे अब 10 मीटर ज्यादा चौड़ा है और 11 हज़ार करोड़ रुपए में बन रहा है, और इसी साल के अंत तक लोगो के लिए भी उसे खोल दिया जायेगा 

योगी ने जो खुलासा किया है उस से साफ़ है की 11 हज़ार करोड़ के काम के लिए अखिलेश यादव सरकारी खजाने से 15 हज़ार करोड़ रुपए निकालना चाहते थे, यानि वो 4 हज़ार करोड़ रुपए ज्यादा निकाल रहे थे, ये 4 हज़ार करोड़ रुपए का घपला ही था, ये तो प्रदेश में सरकार बदल गयी और अब वही सड़क जो पहले से ज्यादा चौड़ी है वो 11 हज़ार करोड़ रुपए में बन रही है