प्लेटफार्म पर मस्जिद और जीजस से समस्या नहीं, पर 1 सीट महाकाल को दे दी तो मुहं से हगने लगे देश के सेक्युलर !



इस देश के सेक्युलर मुहं से ही हगते है, और ये ही सच है, सेकुलरों की दोगलई देखते ही बनती है, सेक्युलर तत्व आखिर कितने दोगले है ये नापा भी नहीं जा सकता, ये लोग दोगलई का रोज रोज नया रिकॉर्ड बनाते है 

देश के सेक्युलर अब इस बात से नाराज है की एक ट्रेन के उद्घाटन के समय उसकी 1 सीट को भगवान् महाकाल शिव के लिए अरक्षित कर दी गयी 

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने एक नयी ट्रेन का उद्घाटन किया, ये ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के बीच चलनी है

ट्रेन के बी-5 कोच में सीट नंबर 64 भगवान शिव के लिए अरक्षित कर दी गई, कुछ इस तरह इस सीट को अरक्षित किया गया 


अब इस देश के बहुत से सेक्युलर सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर मुहं से हगने लगे है, इन लोगो को ये सांप्रदायिक घटना लग रही है, सेकुलरों ने इस घटना का जमकर विरोध किया 

एक ऐसी ट्रेन जिसे उज्जैन और वाराणसी जैसे शहरों में जाना है उसमे 1 सीट को भगवान शिव के लिए अरक्षित कर दिया गया तो सेकुलरिज्म खतरे में आ गया और साम्प्रदायिकता फ़ैल गयी, ये वही देश है जिसके असंख्य रेलवे स्टेशन, प्लेटफार्म पर कुछ इस तरह के दृश्य देखने मिलते है जो आप नीचे देख सकते है 




रेल की पटरी से लेकर प्लेटफार्म तक पर आपको मस्जिद, जीजस की मूर्ति, मजार इत्यादि देखने को मिलता है, इतना ही नहीं कई एयर पोर्ट्स पर तो नमाज़ पढने के इए अलग से कमरे तक बनाये गए है 

पर इन सबसे देश के सेकुलरों को कभी कोई समस्या नहीं हुई, इस से उनका सेकुलरिज्म मजबूत हो रहा है, इस से साम्प्रदायिकता नहीं फ़ैल रही, हां सिर्फ 1 सीट भगवान् महाकाल के लिए अरक्षित हो गयी तो सेकुलरिज्म खतरे में आ गया