आजमगढ़ में उन्मादियों के घर पहुंचकर बोली प्रियंका वाड्रा - "संघर्ष का समय आ गया है", उन्मादियों को उकसा कर 1947 जैसे हालात बनाने की तैयारी ?


मध्य प्रदेश में जिस प्रकार से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी पार्टी को आईना दिखाने का प्रयास किया है उसका कम से कम कोई भी असर उत्तर प्रदेश में देखने को नही मिल रहा है. 

CAA मामले में जिस प्रकार से आप पार्टी , कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने जनता और सरकार की सम्पत्ति को नुकसान पहुचाने वाले दंगाइयो के समर्थन में मोर्चा खोला है उसके बाद देश 2 हिस्सों में वैचारिक रूप से बंटा नजर आ रहा है.
 
फिलहाल घायल पुलिस वालों के समर्थन में अब तक सिर्फ भारतीय जनता पार्टी से बयान आये हैं. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने घायल और संघर्षरत पुलिस वालों के पक्ष में बयान दिए लेकिन उनके अलावा बाकी तमाम पार्टियों ने दंगाइयो का समर्थन किया. 

प्रियंका वाड्रा आजमगढ़ पहुच कर उन परिवारों से मिली जो CAA के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुलिस से भिड़ गये थे.

वही प्रियंका वाड्रा दिल्ली विधानसभा चुनाव मामले में भी बोल रही थी जिसमे दूसरी बार खाता नहीं खुल सका। उसका मत प्रतिशत इस बार गिरकर 4.27 प्रतिशत रहा जबकि 2015 में उसका मत प्रतिशत 9.7 प्रतिशत रहा था. 

उन्होंने कहा कि यह एक सबक है जिसे हमें सीखना है। उन्होंने कहा कि अब ध्यान पार्टी का पुनर्निर्माण करने और उसमें फिर से जान फूंकने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब पार्टी का कायाकल्प करने के लिए कार्यवाही करने का समय है, इसे नया रूप देना होगा।


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