गज़ब की स्क्रिप्ट और प्लानिंग, पर फिर फेल हो गए स्क्रिप्ट लिखने वाले, खुलने लगी पोल


जिसे कथित तौर पर गोली लगी है उस से ज्यादा दर्द तो महिला के चेहरे पर दिख रहा है, और लाल बोतल को छिपाना दोनों ही कदाचित भूल गए, अब युवक को कोई दर्द इसलिए नहीं हो रहा क्यूंकि रंग या टोमेटो केचप लगाने से दर्द थोड़ी होता है 

जामिया के पास आज जो कुछ हुआ अब उसका सच सामने आने लगा है, 2 दर्जन से ज्यादा कैमरे पहले से तैनात थे, उन्होंने आराम से HD में विडियो बनाये और तस्वीरें ली, फिर तुरंत ही बन्दुक लहराने वाले शख्स का फेसबुक अकाउंट खोज लिया गया 

और उसका नाम बताया गया "रामभक्त गोपाल", उसका जो फेसबुक अकाउंट था वो बना था 2018 में पर उसमे पहला राजनितिक पोस्ट जनवरी 2020 में किया गया, और कुछ हिंदूवादी पोस्ट के स्क्रीनशॉट लेने के बाद उस अकाउंट को अब डिलीट कर दिया गया है 

ये 'रामभक्त गोपाल' तो पुलिस की हिरासत में है तो उसका फेसबुक अकाउंट कौन चला कर डिलीट कर रहा है, बढ़िया स्क्रिप्ट की पोल तो तब खुल गयी जब उस अकाउंट में 'रामभक्त गोपाल' ने हिंदूवादी दिखने के लिए कुछ पेज लाइक किये थे, उनमे हिंदूवादी नेता भी थे, पर महाशय ने इस्लामिक उन्मादी एजाज खान और भीम आर्मी के सरगना रावण के पेज भी लाइक किये हुए थे 

लोगो ने तुरंत ही इसका भी स्क्रीनशॉट लेकर डालना शुरू किया और इस से पहले की लोग उस अकाउंट को पूरी तरह देखते, वो अकाउंट डिलीट कर दिया गया, जबकि आरोपी तो पुलिस की हिरासत में है 

हिंदूवादी अकाउंट बनाकर उस से हिंदूवादी पोस्ट किये गए, सेकुलरों ने उसके स्क्रीनशॉट लिए, और उसके बाद आराम से अकाउंट डिलीट कर दिया



एक चीज तो साफ़ है की आज जो कुछ काण्ड हुआ उस से आतंकवादी सरजील इमाम का मामला, शाहीन बाग़ में जिहाद का मामला दब सा गया, दिल्ली में कुछ दिनों में वोटिंग है, और उम्मीद है की आज की तरह के कई स्क्रिप्ट अभी और चलाये जायेंगे