दिल्ली में बदल गयी हवा, गद्दार और दलाल केजरीवाल की हालत अब बेहद ख़राब



गद्दार और दलाल अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के हिन्दुओ को मुफ्तखोर ही समझा हुआ था, हिन्दुओ को 200 यूनिट बिजली और महिलाओं को फ्री बस यानि ही हर महीने लगभग 300-400 का फायदा देकर वोट प्राप्त कर लेना चाहता था, केजरीवाल हिन्दुओ को मुफ्तखोर समझकर चल रहा था और उसे फ़िक्र सिर्फ मुस्लिम वोटों की ही थी 

हमने इस आर्टिकल में केजरीवाल को गद्दार और दलाल क्यों कहा है पहले वो बता दें, केजरीवाल वही शख्स है जिसने इस्लामिक आतंकवादी देश पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए भारतीय सेना को झूठा बताया था और सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे, केजरीवाल इस देश का गद्दार है 

और हमने केजरीवाल को दलाल इसलिए कहा है क्यूंकि केजरीवाल ने हिन्दुओ के खिलाफ काफी जहर उगला है, इसने स्वास्तिक का अपमान किया, इसने हनुमान जी के विवादित कार्टून को त्वीट किया, ये मंदिरों के अन्दर चप्पल पहनकर गया, साथ ही साथ इसने हिन्दुओ के ग्रंथों के खिलाफ काफी जहर उगला, सबकुछ इसके ट्विटर अकाउंट पर आज भी लगा हुआ है 

अब हम आपको बता दें की दिल्ली की राजनितिक हवा बदल चुकी है और अब गद्दार और दलाल अरविन्द केजरीवाल की हालत भी ख़राब हो गयी है

केजरीवाल को हिन्दुओ के वोट की फिकर नहीं थी क्यूंकि वो हिन्दुओ को मुफ्तखोर समझकर चल रहा था, वो मानकर चल रहा था की 200 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं के फ्री बस के लिए हिन्दू तो वोट देगा ही, उसे फिकर सिर्फ मुस्लिम वोट की थी 

इसी कारण केजरीवाल ने दिल्ली के इस्लामिक चरमपंथियों का हमेशा समर्थन किया, CAA के बाद दिल्ली में हुए दंगो में मुसलमान उन्मादियों ने बस को जलाया, केजरीवाल ने कई दंगाइयों को 5-5 लाख रुपए दिए 

इसके बाद शाहीन बाग़ नाम की जगह पर मुस्लिम चरमपंथियों ने अपना प्रदर्शन शुरू किया तो केजरीवाल ने मुस्लिम वोट बैंक के लिए अपने नेताओं को वहां भेजना शुरू कर दिया, केजरीवाल ने अपनी पार्टी के नेता अमंतुल्लाह खान को भेजा और उसने वहां इस्लामिक चरमपंथ फैलाने में प्रमुख भूमिका निभाई 

उसके बाद आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने शाहीन बाग़ के इस्लामिक चरमपंथियों का समर्थन करना शुरू कर दिया, कुछ ही दिन पहले मनीष सिसोदिया ने कहा की - हम शाहीन बाग़ के लोगो के साथ है 



केजरीवाल सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण में लगा हुआ था वो सिर्फ मुस्लिम वोट की फ़िक्र कर रहा था, वहीँ दूसरी तरफ शाहीन बाग़ में रास्ता जाम होने से रोजाना आने जाने वाले आम लोग परेशान हो रहे थे, काफी दिनों तक लोग परेशान होते रहे, वहीँ केजरीवाल और उसकी पार्टी शाहीन बाग़ के इस्लामिक चरमपंथियों का समर्थन करती रही 

20 जनवरी 2020 तक ऐसा लग रहा था की केजरीवाल की पार्टी आगे है क्यूंकि हिन्दू मुफ्तखोरी में उसे वोट दे रहा था वहीँ मुस्लिम वोट भी उसी को मिल रहा था, पर शाहीन बाग़ में जिस तरह इस्लामिक चरमपंथियों ने एक के बाद एक जिहाद के मंसूबों को जाहिर करना शुरू कर दिया, किसी ने देश के टुकड़े करने की धमकियाँ दी, किसी ने हिन्दुओ के नरसंहार की धमकियाँ दी, कोई जिन्नाह वाली आज़ादी मांग रहा तो कोई अमित शाह और मोदी को जान से मारने की धमकियाँ दे रहा 

दिल्ली के हिन्दू लोग भी सबकुछ देखते रहे, और 20 जनवरी के बाद अब दिल्ली की हवा बदल चुकी है, केजरीवाल और उसके नेता चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली में अब रोजाना घूम रहे है पर केजरीवाल ने इस चीज को भांप लिया की इस्लामिक तुष्टिकरण ज्यादा करने की वजह से हिन्दू अब नाराज है 

एक मुख्य सड़क को शाहीन बाग़ में रोककर रखा गया है, वहां से रोज आने जाने वाले हिन्दुओ को 15 मिनट का रास्ता 2-3 घंटों में काटना पड़ रहा है, हवा बदली हुई देख कर केजरीवाल ने भी अपने सुर में बदलाव कर दिया 

जहाँ पर मनीष सिसोदिया कुछ दिनों पहले कह रहा था की हम शाहीन बाग़ के लोगो के साथ है, वहीँ अब चुनाव प्रचार के दौरान जमीन पर घूमकर केजरीवाल ने दिल्ली की हवा को भांपा और अब केजरीवाल के सुर कुछ ये है 


15 दिसंबर 2019 से ही दिल्ली के लोग परेशान है, आम आदमी पार्टी के नेता शाहीन बाग़ में जहर उगल रहे है, मनीष सिसोदिया कहता है की आम आदमी पार्टी शाहीन बाग़ वालो के साथ है, फिर केजरीवाल को 27 जनवरी को याद आती है की दिल्ली के लोग तो परेशान हो रहे है जी ! 

अब केजरीवाल के सुर बदल चुके है, कलतक इसकी पार्टी के नेता शाहीन बाग़ में नजर आते थे, शाहीन बाग़ वालो का समर्थन करते थे, पर अब केजरीवाल को समझ आ गया की इस्लामिक तुष्टिकरण कुछ ज्यादा ही हो गयी है और अब हिन्दू नाराज है

दिल्ली की हवा 20 जनवरी तक तो केजरीवाल के पक्ष में ही नजर आ रही थी, पर अब हिन्दू कुछ जागा है और केजरीवाल को हवा खिसकती हुई दिखाई दे रही है और उसके त्वीट इस बाद का प्रमाण है की दिल्ली की हवा अब बदल चुकी है और चुनाव नतीजे इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर देंगे