इस्लाम की हुकूमत लाने के लिए कैसे करना है बेवक़ूफ़ हिन्दुओ का इस्तेमाल, प्लान बताया अरफा खानुम ने



कुछ दिनों पहले तक कई खबरें आये दिन आती थी जिसमे मुस्लिम कट्टरपंथी कहते थे की हम वन्दे मातरम नहीं कहेंगे, और कई घटनाओं में तो जन गन मन का भी विरोध किया गया, पर इन दिनों देश भर में यही तत्व तिरंगा लेकर चल रहे है और राष्ट्रगान गा रहे है

असल में ये एक सोची समझी चाल है और इस बात को खुद मुस्लिम पत्रकार अरफा खानुम ने स्वीकार किया है, जहाँ सभी धर्म के लोग होते है वहां पर सेकुलरिज्म, देशभक्ति की बात करो, पर जहाँ पर सभी मुसलमान हो वहां पर इस्लामिक हुकूमत की बात करो

अरफा खानुम का विडियो सामने आया है जिसमे वो मुसलमानों की भीड़ के आगे बोल रही है और बता रही है की कुछ समय के लिए हमे भारत के प्रति वफादारी दिखानी है, हमे तिरंगा लहराना है, राष्ट्रगान भी गाना है पर ये चीज सिर्फ तबतक जबतक हम इस्लामिक सोसाइटी यानि भारत में इस्लाम की हुकूमत न ले आये

अरफा खानुम मुसलमानों की भीड़ को बताती है की अभी हम अल्पसंख्यक है अभी संख्या उतनी नहीं है इसलिए अभी अल तकिया यानि छल छलावा करना होगा और सेक्युलर यानि बेवक़ूफ़ हिन्दुओ का अभी इस्तेमाल करना होगा, इसके लिए हमे तिरंगा लहराना पड़े तो लहराना होगा, राष्ट्रगान गाना पड़े तो गाना होगा

अरफा बताती है की भले हम कुछ समय के लिए सेकुलरिज्म को अपना लेते है पर हम कभी अपनी असल विचारधारा (गजवा हिन्द) को नहीं छोड़ेंगे और ये सेकुलरिज्म सिर्फ तबतक के लिए है जबतक हम इस्लामिक सोसाइटी यानि भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते

अरफा खानुम किस प्रकार प्लान बता रही है वो आपको गौर से सुनना चाहिए, इन दिनों कट्टरपंथी तत्व जो तिरंगा लहरा रहे है, राष्ट्रगान गा रहे है वो इनकी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, सुनिए क्या कहती है अरफा

इस देश में काफी सारे सेक्युलर हिन्दू अरफा खानुम और इनके जैसे लोगों का मोदी विरोध में जमकर साथ दे रहे है, अरफा खानुम इन सेकुलरों के सामने तो भाईचारे, दलित, आदिवासी की बात करती है, पर मुस्लिम भीड़ के आगे वो पूरी प्लानिंग समझाती है