कुमारस्वामी को निगल गयी अंटोनिया माइनो, अब उद्धव ठाकरे की बारी !


कर्णाटक की जनता ने आज वहां के सत्ता लोलुप नेताओं का हिसाब बराबर कर दिया, बीजेपी 224 सीटों वाली विधानसभा में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने में कामयाब रही 

15 सीटों पर उपचुनाव हुए जिसमे से 12 सीटों पर बीजेपी ने जीत हांसिल की, कांग्रेस को 2 सीटें मिली, वहीँ निर्दलीय को भी 1 सीट मिली पर जेडीएस का बंटाधार हो गया और उसे सिर्फ अंडा यानि 00 ही मिला 

मंड्या जिला जहाँ बीजेपी ने इतिहास में आजतक 1 भी सीट नहीं जीती थी और जो जिला जेडीएस का गढ माना जाता है वहां भी बीजेपी ने जीत हांसिल की है और जेडीएस का बुरा हाल हो गया 

विधानसभा चुनावों के समय बीजेपी, कांग्रेस, और जेडीएस तीनो ने ही एक दुसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी पर जेडीएस ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया 

कांग्रेस ने भी बीजेपी को रोकने के लिए जेडीएस को मुख्यमंत्री पद भी दे दिया, पर जनता सबकुछ देख रही थी, जब जनता को मौका मिला तो जेडीएस का बुरा हाल हो गया, कांग्रेस तो अपना वोटबैंक बचाने में कामयाब रही और 2 सीटें भी जीत गयी पर जेडीएस का सूपड़ा साफ़ हो गया 

कर्णाटक वाली स्तिथि अब महाराष्ट्र में भी है, यहाँ भी चुनावों के बाद शिवसेना ने सत्ता के लिए कांग्रेस से गठबंधन किया है, कांग्रेस ने यहाँ भी बीजेपी को रोकने के मकसद से शिवसेना का साथ दिया है, पर जनता सबकुछ देख रही है

जो स्तिथियाँ कर्णाटक में बनी थी वही महाराष्ट्र में भी बनी हुई है और कर्णाटक की तरह ही महाराष्ट्र की जनता बस इंतज़ार कर रही है की कब वोटिंग होगा और कब वो अपना फैसला सुनाएगी, जो स्तिथि कर्णाटक में जेडीएस की हुई है उस से भी बुरी स्तिथि महाराष्ट्र में शिवसेना की हो सकती है, कांग्रेस तो अपना वोटबैंक कैसे भी बचा लेगी पर शिवसेना का वही हाल होगा जो कर्णाटक में जेडीएस का हो रहा है