शिवसेना के अरमानो को झटका, गवर्नर ने 2 दिन का समय देने से किया इंकार, राष्ट्रपति शासन की कर सकते है सिफारिश



महाराष्ट्र के गवर्नर अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते है, आज ही शिवसेना की एक टीम ने आदित्य ठाकरे की अगुवाई में गवर्नर भगत सिंह कोशियारी से मुलाकात की थी

गवर्नर ने सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण सबसे पहले भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था, पर भाजपा ने सरकार बनाने से इंकार कर दिया क्यूंकि उसके पास बहुमत नहीं है 

उसके बाद शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे की अगुवाई में गवर्नर से आज 11 नवम्बर को मिले थे, शिवसेना ने अपने 56 विधायको की लिस्ट सौंपी पर उसके अलावा शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी के विधायको का समर्थन पत्र नहीं सौंप सकी 

शिवसेना ने गवर्नर से 48 घंटों का समय माँगा ताकि वो कांग्रेस और एनसीपी के विधायको का समर्थन पत्र ला सके पर अब बड़ी खबर सामने ये आ रही है की राज्यपाल ने शिवसेना को 48 घंटे का समय नहीं दिया 

परंपरा येही है की कोई राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने जाता है तो विधायको का समर्थन पत्र राज्यपाल को दिखाना पड़ता है पर शिवसेना सिर्फ 56 विधायको का समर्थन पत्र ही लेकर जा सकी 

जानकारी ये है की अब राज्यपाल संविधान एक्सपर्ट्स की राय ले रहे है और राज्यपाल अब राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते है क्यूंकि राज्य में बहुमत किसी के पास नहीं है, शिवसेना भले ही बोल रही है की वो एनसीपी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाएगी पर समर्थन पत्र शिवसेना के पास भी नहीं है 

शिवसेना के अरमानो के लिए ये बड़ा झटका है जो की महारष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री चाहती है, शिवसेना राज्यपाल को 145 विधायको का समर्थन पत्र दिखाने में फेल साबित हुई है और राज्यपाल अब राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते है 

ऐसे में राज्य को दुबारा चुनावों की ओर जाना पड़ सकता है और इसका सबसे बड़ा नुक्सान शिवसेना को ही उठाना पड़ सकता है