हिन्दू प्रिंसिपल पर इस्लाम के अपमान का झूठा आरोप लगाकर, हिन्दुओ को घेरकर किया गया हमला



पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के घोटकी में हाल ही में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया गया. मंदिरों को तोड़ा गया, हिन्दुओं के घरों पर हमले किये गये, उनकी दुकानों को आग लगाई गई, घर में घुसकर पीटा गया, हिन्दू छात्रा नम्रता चांदनी को जान से मार दिया. 

फिलहाल मीडिया में हिन्दुओं पर अत्याचार की इतनी कहानी सामने आई है. हिन्दुओं पर हमले के वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान के डेमेज कंट्रोल के लिए 218 लोगों पर केस दर्ज किया है. दरअसल सिंध पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल नोतन लाल पर आरोप लगा कि उन्होंने इस्लामिक पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है. 

पुलिस जांच में नोतन पर लगे आरोप झूठे निकले और उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. पुलिस की जांच के मुताबिक, पिछले हफ्ते प्रिंसिपल लाल ने 11वीं क्लास का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने टीचर को सलाह दी कि पैगंबर मोहम्मद के बारे में हर अच्छी बात बताई जाए, ताकि बच्चे पैगंबर को अच्छे से जान सकें. 

दो दिन बाद एक छात्र ने फेसबुक के जरिए आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने पैगंबर मोहम्मद की बेअदबी की है. पोस्ट वायरल होने के बाद कुछ धार्मिक संगठनों के लोगों ने एक मंदिर तोड़ दिया. साथ ही हिंदुओं की दुकानें तोड़ दीं. घरों में घुसकर हमले किये गये, एक छात्रा की जान भी चली गई. 

उसके बाद से हिंदुओं के मोहल्लों में सन्नाटा है. वे दहशत में हैं. जान को खतरा देखते हुए कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें मुस्लिमों की उन्मादी भीड़ हिन्दुओं को निशाना बना रही है, उनके घरों पर, मंदिरों पर हमले कर रही है.

इस मामले में घोटकी पुलिस ने क्लास में मौजूद छह बच्चों के बयान दर्ज किए हैं लेकिन किसी ने भी आरोप की पुष्टि नहीं की है. 

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, घोटकी के एसपी फारूक लांजर ने बताया कि प्रिंसिपल लाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है. लांजर ने कहा- ‘हमने प्रिंसिपल लाल की जान को खतरा देखते हुए उन्हें अपनी सुरक्षा में लिया है.’ 
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