जनता की संपत्ति को अपना माल समझ लिया कांग्रेस नेता ने, PM ने खाली करने को कहा तो चींखने लगे कांग्रेसी नेता



इस देश के सांसदों, विधायको, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास मिलता है तो अक्सर उस आवास को अपनी संपत्ति अपना माल समझ लेते है 

सरकारी बंग्लों को लेकर नेताओं की हरकतों को काफी बार देखा गया है, इनसे जनता की संपत्तियां खाली नहीं होती, जनता की संपत्ति पर ये अपना अधिकार समझते है और कभी कोई इमानदार नेता आ जाये और जनता की संपत्तियों को खाली करने को कहे तो इन नेताओं की चींखें निकल जाती है 

कांग्रेस के वरिष्ट नेता आनंद शर्मा जो पूर्व केन्द्रीय मंत्री भी है उनकी भी अब चींख निकल रही है क्यूंकि देश के प्रधानमंत्री ने उनसे जनता की संपत्ति को खाली करने को कह दिया है 

प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने पूर्व सांसदों से बंगले खाली करने को कहा है, सांसद पूर्व हो चुके है यानि वो अब सांसद नहीं है और बंगले तो सांसदों के लिए बने है 

अब पूर्व सांसद जो की सांसद नहीं है वो भी सांसदों के बने बंगले में रहना चाहते है खाली नहीं करना चाहते, जनता की संपत्ति को अपना माल समझने लगे है और आनंद शर्मा भी काफी बौखलाए हुए है 

आनंद शर्मा ने आज प्रधानमंत्री से कहा की - आपने पूर्व सांसदों को सरकारी बंगले खाली करने को कहा है, ये बहुत ही ख़राब काम किया है आपने, सांसदों को पियून से भी कम पेंशन मिलती है 

आनंद शर्मा ये चाहते है की जो पूर्व सांसद है जो की अब सांसद भी नहीं है फिर भी उनको सांसदों वाली संपत्तियां मिली रहे, ये खाली नहीं करना चाहते, और पेंशन की बात कर रहे है, जबकि कहा ये भी जाता है की नेता तो जनता की सेवा के लिए होते है, पैसे के लिए थोड़ी नेतागिरी की जाती है