मेरे अब्बा को आतंकियों ने मारा, मैं IAS बनकर आतंकवाद से लडूंगा, बोलकर शाह फैसाल निगल गया भारत का मोटा पैसा


सोचिए शाह फैसल के ऊपर भारत सरकार ने कितना पैसा खर्च किया है .....इन्होंने श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की और आपको तो पता ही होता है कि एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर तैयार करने में सरकार कितना खर्च करती है.. 

उसके बाद इनका मन डॉक्टरी में नहीं लगा फिर इन्होंने आईएएस की परीक्षा दी वह भी उर्दू साहित्य और उर्दू सब्जेक्ट से...

इंटरव्यू में इन्होंने इंटरव्यूअर के सामने आतंकियों द्वारा अपने पिता की हत्या किए जाने का रोना रोया और कहा कि वह आईएएस बनकर कश्मीर से आतंकवाद को खत्म करना चाहते हैं इस तरह लच्छेदार बातों से और आंसुओं से उन्होंने इंटरव्यूर को प्रभावित करके आईएएस बन गए.. 

फिर 5 साल नौकरी करने के बाद नियमानुसार स्टडी लीव लेने का फैसला किया और 3 साल हावर्ड में रिसर्च किया जिसका पूरा खर्चा भारत सरकार ने उठाया क्योंकि आईएएस को जो स्टडी लीव मिलती है तो वह दुनिया के जिस भी यूनिवर्सिटी में जो भी कोर्स करता है उसका पूरा खर्चा सरकार देती है ...

उसके बाद वह स्टडी लीव से भारत आए फिर 6 महीने नौकरी किया उसके बाद अचानक से उन्होंने ट्विटर पर भारत विरोधी ट्वीट करने शुरू कर दिए

यानी उन्होंने सब कुछ वही किया जो केजरीवाल ने अपने जीवन में किया और शाह फैसल केजरीवाल की सफलता से बेहद प्रभावित लगते है बस फर्क इतना था शाह फैसल ने डॉक्टरी की पढ़ाई की थी और केजरीवाल ने आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी.. दोनों ने भारत सरकार के नियमों का खूब फायदा उठाया और दोनों के ऊपर भारत सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए

शाह फैसल के मन में राजनीति का कीड़ा कुलबुलाने लगा और उसके बाद उन्होंने सोचा अब आईएएसगिरी से इस्तीफा देकर राजनीति में कूद जाओ और जम्मू कश्मीर का मंत्री या मुख्यमंत्री बन जाओ ..

लेकिन बेचारे का नसीब बेचारे की कुंडली इतनी खराब थी बेचारे के इस्तीफा देने के एक साल बाद ही जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गया और इनका अब सबकुछ बर्बाद हो चूका है, ये धोबी का कुत्ता हो गया न घर का न ही घाट का 
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