कर दिखाया जिसे बताया जाता था असंभव, पुर यूपी में रोड पर नमाज़ किया बैन


ये भी एक तरह का जिहाद ही था की सड़कों को घेर लिया जाता था, सेक्युलर प्रशासन घुटने टेक देता था, और भीड़ ऐसी बनाई जाती थी की कोई कुछ कहे तो दंगा 

हम बात कर रहे है सड़कों पर नमाज़ की, ये भारत देश में एक बड़ी समस्या है, और सेकुलरिज्म ने इसके आगे हमेशा घुटने टेके है 

उत्तर प्रदेश में अब सड़कों पर नमाज़ नहीं हो सकेगी, आज 14 अगस्त को उत्तर प्रदेश पुलिस ने पुरे राज्य में सड़कों पर होने वाले नमाज़ को बैन कर दिया है 

शुरुवात अलीगढ से हुई थी, हनुमान चालीसा भी पढ़ी जाने लगी, हिन्दुओ ने मन बना लिया की अब अत्याचार नहीं सहेंगे, हनुमान चालीसा ने काफी मदद की और प्रशासन ने अलीगढ में सड़कों पर नमाज़ को बैन कर दिया 

फिर अलीगढ के बाद मेरठ में ऐसा फैसला किया गया, पुरे मेरठ में सड़कों पर नमाज़ को बैन कर दिया गया 

और आख़िरकार वो हो ही गया जिसे असंभव बताया जाता था, आज उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी जिलो यानि पुरे राज्य में सड़कों पर नमाज़ को बैन कर दिया है 


अलीगढ और मेरठ मॉडल को अब उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू कर दिया गया है, यानि की पुरे उत्तर प्रदेश की सड़कों पर अब नमाज़ नहीं हो सकेगी, लोगो का कहना है की योगी है तो संभव है, क्यूंकि माना तो ये जा रहा था की सड़कों पर नमाज़ अब कभी रोकी नहीं जा सकेगी, पर जिसे असंभव माना जा रहा था वो योगी सरकार ने संभव कर दिखाया 
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