सुप्रीम कोर्ट हमारी बात नहीं मान रहा, इस देश में अब लोकतंत्र नहीं बचा : कपिल सिब्बल



जिस तरह एक विदेशी मजहब बार बार खतरे में आ जाता है, वैसे ही जब से नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री बने है तब से लोकतंत्र भी बार बार खतरे में पहुँच रहा है

जब अमित शाह को तत्कालीन गृहमंत्री चिदंबरम ने झूठे मामले में गिरफ्तार करवाया था, जिस मामले में अमित शाह को कोर्ट से फिर क्लीन चिट भी मिल गयी थी, तब लोकतंत्र खतरे में नहीं आया

पर जैसे ही चिदंबरम को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया, लोकतंत्र अब तुरंत खतरे में पहुँच गया है

और अब कांग्रेस नेता तो ये कह रहे है की इस देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं है क्यूंकि सुप्रीम कोर्ट उनकी बात को नहीं मान रहा

21 अगस्त को दिन भर कांग्रेस के सबसे बड़े वकीलों की पूरी फ़ौज सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम को जमानत दिलवाने के लिए मशक्कत करती थी,म सफलता हाथ नहीं लगी तो अब कपिल सिब्बल ने देश के लोकतंत्र को ही खतरे में बता डाला

सुप्रीम कोर्ट अब इनकी बातों को नहीं सुन रहा, इनके मुताबिक कोर्ट नहीं चल रहा इसलिए अब लोकतंत्र खतरे में है

कल सुप्रीम कोर्ट के जज ने चिदंबरम की याचिका को मुख्य जज रंजन गोगोई के पास भेज दिया, वो पहले से दुसरे मामलों में व्यस्त थे इसलिए चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई नहीं हुई 

सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेसी वकीलों के मन मुताबिक काम नहीं हुआ तो अब कपिल सिब्बल कह रहे है की - इस देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं,म अगर सब इनके मन मुताबिक हो तो लोकतंत्र है वरना लोकतंत्र है ही नहीं